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सीमा कालीरमन: पीएचडी, 4 साल का बेटा और पति की कोचिंग — कॉमनवेल्थ 2026 में डिस्कस थ्रो ब्रॉन्ज

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सीमा कालीरमन: पीएचडी, 4 साल का बेटा और पति की कोचिंग — कॉमनवेल्थ 2026 में डिस्कस थ्रो ब्रॉन्ज

सारांश

चोट, मातृत्व और पीएचडी — तीन मोर्चों पर एक साथ लड़ते हुए सीमा कालीरमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में डिस्कस थ्रो ब्रॉन्ज जीता। पति रविंदर की कोचिंग और अपनी अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने 48 मीटर से 59.73 मीटर तक का सफर तय किया।

मुख्य बातें

सीमा कालीरमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता — उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक।
फाइनल में 6 राउंड में से केवल 2 थ्रो वैध हुए, फिर भी सीमा पोडियम तक पहुँचीं।
2022 में बेटे रुद्र के जन्म से पहले पर्सनल बेस्ट 48.08 मीटर था; 2026 में यह 59.73 मीटर हो गया।
पति रविंदर कालीरमन — पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन — उनके कोच हैं।
सीमा CBLU भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं।
2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई; साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल विजेता।

एथलीट सीमा कालीरमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता — यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। 27 वर्षीया सीमा न केवल चार साल के बेटे रुद्र की माँ हैं, बल्कि चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी (CBLU), भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी कर रही हैं। उनकी यह उपलब्धि खेल, परिवार और शिक्षा की तीन जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने का प्रेरणादायी उदाहरण है।

फाइनल में कैसा रहा प्रदर्शन

डिस्कस थ्रो के फाइनल में सीमा के छह राउंड में से केवल दो थ्रो ही वैध (वैलिड) हो सके, क्योंकि बार-बार डिस्कस साइड नेटिंग में फंस जा रहा था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद वह पोडियम तक पहुँचीं और देश के लिए पदक सुनिश्चित किया। यह पोडियम सीमा के करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है।

चोट और मातृत्व के बाद शानदार वापसी

सीमा के एथलेटिक सफर में सबसे बड़ा झटका तब आया जब घुटने की गंभीर चोट के चलते उन्हें तीन साल से अधिक समय तक प्रतिस्पर्धी खेल से दूर रहना पड़ा। इसके बाद 2022 में बेटे रुद्र के जन्म के साथ एक और विराम आया। उस दौर तक उनका पर्सनल बेस्ट 48.08 मीटर था।

2024 में 11 महीने के ब्रेक के बाद सीमा ने प्रतिस्पर्धी डिस्कस थ्रो में वापसी की और अपना पर्सनल बेस्ट सुधारते हुए 57.19 मीटर तक पहुँचीं। 2026 की शुरुआत में भुवनेश्वर में आयोजित इंडियन चैंपियनशिप में उन्होंने 59.73 मीटर का थ्रो किया — जो उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह प्रगति इस बात का प्रमाण है कि मातृत्व और चोट के बाद भी एक एथलीट नई ऊँचाइयाँ छू सकती है।

पति रविंदर की कोचिंग: सबसे बड़ा सहारा

सीमा के कोच और सबसे बड़े सहारे उनके पति रविंदर कालीरमन हैं, जो स्वयं भारत के जाने-माने डिस्कस थ्रो एथलीट रहे हैं। रविंदर ने भारतीय अंडर-18 और अंडर-20 चैंपियनशिप में डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीते थे। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और सीमा की अदम्य लगन ने मिलकर इस सफलता की नींव रखी।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ

सीमा ने 2025 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और इसके बाद राष्ट्रीय खिताब भी अपने नाम किया। साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। इन प्रदर्शनों के आधार पर उन्होंने 2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई किया और कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में भी जगह बनाई। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई और एक छोटे बच्चे की परवरिश के साथ-साथ हासिल की।

आगे क्या

कॉमनवेल्थ ब्रॉन्ज के बाद सीमा की नजर 2026 एशियाई खेलों पर है, जहाँ वह अपने 59.73 मीटर के पर्सनल बेस्ट को और बेहतर करने की कोशिश करेंगी। भारतीय महिला डिस्कस थ्रो में उनका उभरना देश के ट्रैक-एंड-फील्ड भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस ढाँचे पर सवाल उठाती है जो मातृत्व के बाद महिला एथलीटों को 'रिटायर्ड' मान लेता है। घुटने की चोट, प्रसव और पीएचडी के बाद 59.73 मीटर तक की छलाँग बताती है कि भारतीय महिला ट्रैक-एंड-फील्ड में प्रतिभा की कमी नहीं, सहयोग-तंत्र की कमी है। रविंदर का कोच के रूप में साथ होना एक व्यक्तिगत सफलता है, लेकिन यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या भारतीय खेल संस्थाएँ माँ बनने के बाद एथलीटों को संस्थागत सहयोग देने में सक्षम हैं। फाइनल में केवल दो वैध थ्रो — यह तकनीकी पहलू भी ध्यान माँगता है जिसे पदक की चमक में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीमा कालीरमन कौन हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ 2026 में क्या हासिल किया?
सीमा कालीरमन एक भारतीय डिस्कस थ्रो एथलीट हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है।
सीमा कालीरमन का पर्सनल बेस्ट कितना है?
सीमा कालीरमन का पर्सनल बेस्ट 59.73 मीटर है, जो उन्होंने 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित इंडियन चैंपियनशिप में हासिल किया। 2022 में बेटे के जन्म से पहले यह 48.08 मीटर था।
सीमा कालीरमन के कोच कौन हैं?
सीमा कालीरमन के कोच उनके पति रविंदर कालीरमन हैं, जो स्वयं भारत के अनुभवी डिस्कस थ्रो एथलीट रहे हैं। रविंदर ने भारतीय अंडर-18 और अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते थे।
सीमा कालीरमन की पढ़ाई के बारे में क्या जानकारी है?
सीमा कालीरमन चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी (CBLU), भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं। वह अपने खेल करियर और चार साल के बेटे रुद्र की परवरिश के साथ-साथ यह शोध कार्य जारी रखे हुए हैं।
सीमा कालीरमन की आगे की प्रतियोगिताएँ कौन-सी हैं?
सीमा कालीरमन ने 2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया है। इससे पहले उन्होंने साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 और 2025 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीते थे।
राष्ट्र प्रेस
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