31 जुलाई 2026
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CWG 2026: सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज, 58.65 मीटर थ्रो से रचा इतिहास

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CWG 2026: सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज, 58.65 मीटर थ्रो से रचा इतिहास

सारांश

सीमा कालीरमन ने ग्लासगो में CWG 2026 के विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में 58.65 मीटर थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। बच्चे को घर छोड़कर आई सीमा के लिए पति और निजी कोच रविंदर की मौजूदगी निर्णायक रही — और उनका संदेश था: सिर्फ खेल का आनंद लो।

मुख्य बातें

सीमा कालीरमन ने 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में CWG 2026 के विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सीमा का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 58.65 मीटर रहा।
पति रविंदर , जो उनके निजी कोच भी हैं, इस बार ग्लासगो में साथ थे; 2025 एशियन चैंपियनशिप में उनकी अनुपस्थिति सीमा के प्रदर्शन पर भारी पड़ी थी।
सीमा अपने बच्चे को घर छोड़कर CWG 2026 में हिस्सा लेने आई हैं।
सीमा ने सरकार से अपील की कि खेलों में रुचि दिखाने वाले हर खिलाड़ी को मानसिक और आर्थिक सहयोग दिया जाए।

सीमा कालीरमन ने 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन भारतीय दल की एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

मुख्य घटनाक्रम

सीमा ने स्पर्धा के दौरान अपना ध्यान पूरी तरह प्रदर्शन पर केंद्रित रखा, न कि पदक पर। उन्होंने कहा, "मेडल जीतने की खुशी है। खुशी इतनी है कि शायद शब्दों में बयां न कर सकूं। मैच के दौरान मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था। जब से मैंने अपने खेल का आनंद लेना शुरू किया है, तब से चीजें अपने आप बेहतर होती जा रही हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा, "मेरी कोशिश बस यही थी कि मैं अपना बेस्ट प्रदर्शन करूं, फिर चाहे मेडल आए या न आए।"

पति-कोच की भूमिका

सीमा के पति रविंदर उनके निजी कोच भी हैं और इस बार ग्लासगो में उनके साथ मौजूद रहे। सीमा ने बताया कि 2025 की एशियन चैंपियनशिप में पति के साथ न होने का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा, "एशियन चैंपियनशिप में यह मेरे साथ नहीं थे, तो इसका खामियाजा मुझे भुगतना पड़ा था। हालांकि, यहां इनके साथ होने का मुझे बहुत फायदा मिला।" सीमा ने यह भी बताया कि पति ने उन पर पदक जीतने का कोई दबाव नहीं डाला — उनका संदेश केवल इतना था कि खेल का आनंद लें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें।

भावनात्मक पक्ष

सीमा इस बार अपने बच्चे को घर छोड़कर ग्लासगो आई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बच्चे का जिक्र होते ही उनकी भावनाएं बाहर आ जाती हैं और वह उसे बेहद याद करती हैं। यह भावनात्मक संतुलन बनाए रखते हुए पदक जीतना उनकी मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।

सरकार से अपील

पदक जीतने के बाद सीमा ने सरकार से आग्रह किया कि खेलों में रुचि दिखाने वाले हर खिलाड़ी को समुचित समर्थन दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेडल लाने से पहले एक खिलाड़ी को मानसिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्तर पर अनेक चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। उनकी यह अपील उस व्यापक बहस को रेखांकित करती है जो भारत में खेल अवसंरचना और एथलीट समर्थन को लेकर लंबे समय से चल रही है।

आगे क्या

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान जारी है और आने वाले दिनों में अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। सीमा की यह सफलता युवा एथलीटों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी अनुपस्थिति में राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार से उनकी अपील — कि पदक आने से पहले खिलाड़ियों को सहारा दिया जाए — उस पुरानी 'परिणाम-प्रथम' नीति पर सवाल उठाती है जो प्रतिभा को पदक से पहले अदृश्य रखती है। भारतीय खेल अवसंरचना में सुधार के दावों के बीच यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि क्या हर सीमा को अपना रविंदर खुद ढूंढना होगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीमा कालीरमन ने CWG 2026 में कितने मीटर थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल जीता?
सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ CWG 2026 के विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह स्पर्धा 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित हुई।
सीमा कालीरमन के पति रविंदर कौन हैं?
रविंदर सीमा कालीरमन के पति होने के साथ-साथ उनके निजी कोच भी हैं। CWG 2026 में वे ग्लासगो में सीमा के साथ मौजूद रहे, जिससे सीमा का आत्मविश्वास बढ़ा।
2025 एशियन चैंपियनशिप में सीमा कालीरमन का प्रदर्शन क्यों प्रभावित हुआ था?
सीमा के अनुसार, 2025 एशियन चैंपियनशिप में उनके पति और निजी कोच रविंदर उनके साथ नहीं थे, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा। CWG 2026 में रविंदर की मौजूदगी को उन्होंने अपनी सफलता का अहम कारण बताया।
सीमा कालीरमन ने सरकार से क्या अपील की?
सीमा ने सरकार से आग्रह किया कि खेलों में रुचि दिखाने वाले हर खिलाड़ी को शुरुआत से ही मानसिक और आर्थिक समर्थन दिया जाए। उनका कहना है कि पदक जीतने से पहले एथलीट कई स्तरों पर कठिन चुनौतियों का सामना करते हैं।
CWG 2026 के आठवें दिन भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
31 जुलाई 2026 को CWG 2026 के आठवें दिन भारतीय दल का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। सीमा कालीरमन ने विमेंस डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।
राष्ट्र प्रेस
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