क्या प्रवर्तन निदेशालय ने 696 करोड़ के विदेशी लेनदेन मामले में आरोपी अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया?

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क्या प्रवर्तन निदेशालय ने 696 करोड़ के विदेशी लेनदेन मामले में आरोपी अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने 696 करोड़ रुपए के विदेशी लेनदेन में आरोपी अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच में फर्जी कंपनियों और पहचान पत्रों का दुरुपयोग होने की बात सामने आई है। जानें इस मामले में और क्या खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय ने 696 करोड़ रुपए के मामले में कार्रवाई की है।
फर्जी कंपनियों के जरिए धन का विदेशी लेनदेन किया गया।
अमित अग्रवाल की पहचान का दुरुपयोग हुआ है।
जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
अगले चरण में और भी कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 696 करोड़ रुपए से अधिक के विदेशी लेनदेन से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए)-2002 के तहत चल रही जांच के सिलसिले में अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी की गई है।

ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। ईओडब्ल्यू ने कई धाराओं के तहत किंजल फ्रेट फॉरवर्डिंग (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आरोप है कि इन लोगों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट विकास मोहपाल की जानकारी का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फॉर्म 15सीबी और 15सीए के जरिए विदेश में धनराशि भेजी।

जांच में पता चला है कि माल और सेवाओं के आयात व फ्रेट चार्ज के नाम पर लगभग 696.69 करोड़ रुपए भारत से हांगकांग और सिंगापुर भेजे गए। हालाँकि, धनराशि के बदले भारत में वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति नहीं की गई, जिससे सरकारी खजाने को विदेशी मुद्रा का नुकसान हुआ।

फंड ट्रांसफर के लिए कई फर्जी कंपनियों का जाल बनाया गया, जिनके निदेशक, स्वामी और साझेदारों ने नकली पहचान पत्र का उपयोग कर बैंक खाते खोले। विदेश में मोटी रकम भेजने के लिए इन संस्थाओं ने नकद के बदले अपने बैंक खातों में क्रेडिट एंट्री की और फिर फर्जी एयरवे बिल, चालान और फर्जी फॉर्म 15 सीबी की मदद से पैसा विदेश भेजा गया।

ईडी की जांच से पता चला है कि अमित अग्रवाल फर्जी पहचान का उपयोग करके संस्थाओं का जटिल जाल बिछाने और उनके संबंधित बैंक खाते खोलने में शामिल मुख्य व्यक्तियों में से एक था। बाद में उन्होंने नकदी के बदले कई अन्य संस्थाओं से इन संस्थाओं के बैंक खातों में क्रेडिट एंट्री कराई थी।

फिलहाल, विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोपी अमित अग्रवाल को 7 दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग आर्थिक धोखाधड़ी के जरिए न केवल सरकार बल्कि समाज को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामलों की गहन जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित अग्रवाल को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
उन्हें 696 करोड़ रुपए के विदेशी लेनदेन में धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
ईडी की जांच कब शुरू हुई?
ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई।
इस मामले में क्या खुलासा हुआ?
जांच में फर्जी कंपनियों और पहचान पत्रों का उपयोग करके धनराशि का विदेश में स्थानांतरण किया गया।
अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 7 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
जांच अभी जारी है और ईडी आगे की कार्रवाई कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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