बस्तर में 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक, अमित शाह करेंगे अध्यक्षता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। नक्सल प्रभावित रहे बस्तर में इस स्तर की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन क्षेत्र में आई शांति और विकास की नई दिशा का प्रतीक माना जा रहा है।
बैठक की तैयारियाँ
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार, 15 मई को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परिषद की बैठक में उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री साय ने सभी बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग ज़िम्मेदारियाँ सौंपते हुए स्पष्ट किया कि आयोजन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोई कमी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी व्यवस्थाएँ बेहतर समन्वय और गंभीरता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मध्य क्षेत्रीय परिषद का महत्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस परिषद को देश की उस विशिष्ट क्षेत्रीय परिषद के रूप में रेखांकित किया जहाँ सदस्य राज्यों के बीच कोई अंतर-राज्यीय विवाद नहीं है और आपसी सहयोग व समन्वय का यह एक बेहतरीन उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदें राज्यों और केंद्र सरकार के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच बन चुकी हैं। उनके अनुसार, 'मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं' और इसी सोच के साथ ये परिषदें विकास, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा दे रही हैं।
बस्तर में बैठक का प्रतीकात्मक महत्व
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के बाद इस स्तर की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन यह दर्शाता है कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास और नई संभावनाओं को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि बस्तर दशकों से नक्सल हिंसा का केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है और अब बस्तर विकास की नई राह पर अग्रसर है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि इंद्रावती की धरती से बस्तर विकास की नई गाथा लिखेगा और मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र और राज्य सरकारें बस्तर को निवेश और पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही हैं।