बस्तर विकास मॉडल पर अमित शाह से मिले CM विष्णु देव साय, 21.86 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का ब्यौरा दिया

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बस्तर विकास मॉडल पर अमित शाह से मिले CM विष्णु देव साय, 21.86 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का ब्यौरा दिया

सारांश

नक्सल प्रभावित बस्तर अब एक नए विकास मॉडल की प्रयोगशाला बन रहा है — जहाँ सुरक्षा शिविर 'जन सुविधा केंद्र' बन रहे हैं और एक महीने में 21.86 लाख लोगों की स्वास्थ्य जाँच हो चुकी है। CM साय ने दिल्ली में गृह मंत्री शाह को यह पूरा खाका सौंपा; शाह का 18-19 मई को बस्तर दौरा संभावित है।

मुख्य बातें

CM विष्णु देव साय ने 14 मई 2026 को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से बस्तर विकास मॉडल पर विस्तृत चर्चा की।
'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जाँच; लक्ष्य 36 लाख लोग।
अभियान 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से शुरू हुआ; सभी की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार।
पुराने सुरक्षा शिविरों को 'जन सुविधा केंद्र' में बदला जा रहा है — स्वास्थ्य, बैंकिंग, शिक्षा एक ही छत के नीचे।
जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चालू; 31 योजनाओं का लाभ 'बस्तर मुन्ने' अभियान से अंतिम व्यक्ति तक।
गृह मंत्री शाह का 18-19 मई को बस्तर दौरा संभावित।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार, 14 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेज़ी से बदल रहे हालात और चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान: एक महीने में 21.86 लाख जांचें

13 अप्रैल 2026 को सुकमा से शुरू हुए 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत मात्र एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है और उनके डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं। इस अभियान का लक्ष्य 36 लाख लोगों तक पहुँचना है। जिन दुर्गम इलाकों में कभी एम्बुलेंस का पहुँचना भी दुष्कर माना जाता था, वहाँ अब डॉक्टर, दवाइयाँ और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से जा रही हैं। दूरस्थ गाँवों में पैदल पहुँचकर जाँच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

सुरक्षा शिविरों का 'जन सुविधा केंद्र' में रूपांतरण

बस्तर में पुराने सुरक्षा शिविर अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहे। इन्हें क्रमशः 'जन सुविधा केंद्र' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सुविधाएँ एक ही छत के नीचे मिल रही हैं। ग्रामीणों को अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज़ और योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ रहा — यह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहली बार हो रहा बुनियादी बदलाव है।

जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और डायल-112 का विस्तार

जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चालू हो गया है, जिससे बस्तर के मरीजों को महँगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार भी किया जा रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गाँव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का प्रत्यक्ष उदाहरण बना है।

बस्तर मुन्ने अभियान और विकास रोडमैप

'बस्तर मुन्ने' अभियान के ज़रिये 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का काम तेज़ी से चल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने गृह मंत्री शाह को बस्तर के विकास रोडमैप की भी जानकारी दी, जिसमें सड़क, शिक्षा, रोज़गार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। गौरतलब है कि यह वही क्षेत्र है जो कुछ वर्ष पहले तक नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से लगभग कटा हुआ था।

शाह की सराहना और 18-19 मई को संभावित बस्तर दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। रिपोर्टों के अनुसार, गृह मंत्री शाह का 18 और 19 मई को बस्तर का दौरा संभावित है, जो इस पूरे विकास मॉडल की ज़मीनी समीक्षा का अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि ये सेवाएँ दीर्घकालिक रूप से टिकती हैं या चुनावी चक्र के साथ फीकी पड़ जाती हैं। बस्तर में विकास की पिछली कोशिशें अक्सर सुरक्षा-केंद्रित रहीं और नागरिक सेवाएँ हाशिये पर रहीं — इस बार का मॉडल उस क्रम को तोड़ने का दावा करता है। गृह मंत्री शाह का संभावित 18-19 मई का दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केंद्र की सीधी निगरानी का संकेत देता है। सवाल यह है कि क्या डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल और जन सुविधा केंद्रों का यह ढाँचा स्वतंत्र सत्यापन के लिए खुला रहेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार का स्वास्थ्य अभियान है जो 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से शुरू हुआ और बस्तर के 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की जाँच हो चुकी है और उनकी डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल भी तैयार की जा रही है।
बस्तर में 'जन सुविधा केंद्र' क्या हैं?
पुराने सुरक्षा शिविरों को 'जन सुविधा केंद्र' में रूपांतरित किया जा रहा है, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे नक्सल प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को बुनियादी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
CM विष्णु देव साय और अमित शाह की बैठक में क्या प्रमुख विषय रहे?
14 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में बस्तर के बदलते हालात, 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान', जन सुविधा केंद्र, जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और बस्तर के समग्र विकास रोडमैप पर चर्चा हुई। उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी बैठक में उपस्थित रहे।
जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से बस्तर को क्या फायदा होगा?
इस अस्पताल के शुरू होने से बस्तर के मरीजों को अब महँगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो नक्सल प्रभाव के कारण लंबे समय से उच्च स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
अमित शाह का बस्तर दौरा कब संभावित है?
रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 18 और 19 मई 2026 को बस्तर दौरा संभावित है। यह दौरा बस्तर में चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा स्थिति की सीधी समीक्षा का अवसर होगा।
राष्ट्र प्रेस
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