चीन में पुनर्चक्रित जल का उपयोग 22 अरब घन मीटर पार, शहरों का स्थायी 'दूसरा जल स्रोत' बना
सारांश
मुख्य बातें
चीन के आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्ष देश में शहरी पुनर्चक्रित जल का कुल उपयोग 22 अरब घन मीटर से अधिक हो गया, जिससे यह शहरों के लिए एक विश्वसनीय और स्थायी 'द्वितीय जल स्रोत' के रूप में स्थापित हो चुका है। यह जानकारी 14 मई को उस समय सामने आई जब चीन अपना 35वाँ राष्ट्रीय शहरी जल संरक्षण जागरूकता सप्ताह (10 से 16 मई) मना रहा है।
पुनर्चक्रित जल क्या है और यह क्यों अहम है
पुनर्चक्रित जल वह जल संसाधन है जिसे अपशिष्ट जल को उचित उपचार प्रक्रियाओं से गुज़ारकर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाया जाता है, ताकि उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके। शहरीकरण की तेज़ रफ्तार और जनसंख्या दबाव के बीच, यह तकनीक जल आपूर्ति और माँग के बीच बढ़ते अंतर को पाटने का एक व्यावहारिक समाधान बनकर उभरी है।
मुख्य घटनाक्रम और सरकारी कदम
मंत्रालय ने बताया कि हाल के वर्षों में चीन ने शहरी जल संरक्षण के क्षेत्र में ठोस विधायी और अवसंरचनात्मक प्रगति की है। जल आपूर्ति विनियम और जल संरक्षण विनियम जैसे कानूनी ढाँचे लागू किए गए हैं, जो शहरी जल प्रबंधन को एक संस्थागत आधार प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, जल आपूर्ति नेटवर्क में रिसाव नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है और पुनर्चक्रित जल उपयोग सुविधाओं के निर्माण में तेज़ी लाई गई है।
स्पंज सिटी मॉडल की भूमिका
चीन ने 'स्पंज शहर' (Sponge City) अवधारणा को बढ़ावा देकर वर्षा जल के अवशोषण, भंडारण और पुनः उपयोग की क्षमता को बेहतर बनाया है। यह मॉडल शहरी बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण में भी सहायक साबित हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि इन परियोजनाओं की दीर्घकालिक प्रभावशीलता अभी भी परीक्षण के दौर में है, लेकिन प्रारंभिक आँकड़े सकारात्मक संकेत देते हैं।
आम जनता और शहरों पर असर
पुनर्चक्रित जल का उपयोग मुख्यतः औद्योगिक प्रक्रियाओं, भूदृश्य सिंचाई, सड़क सफाई और निर्माण कार्यों में हो रहा है, जिससे पीने योग्य जल पर निर्भरता कम हो रही है। मंत्रालय के अनुसार, इससे जल आपूर्ति और माँग के बीच का विरोधाभास प्रभावी रूप से कम हुआ है और शहरों के सघन विकास में योगदान मिला है।
आगे की दिशा
चीन का लक्ष्य पुनर्चक्रित जल उपयोग को और विस्तार देना है, विशेष रूप से उन शहरों में जहाँ जल की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है। जल संरक्षण जागरूकता सप्ताह जैसे आयोजन इस दिशा में नागरिक चेतना बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में चीन के शहर जल सुरक्षा के मामले में एक नया मानक स्थापित कर सकते हैं।