आलोचना सरल, मोदी बनना है चुनौती: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जताया आभार

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आलोचना सरल, मोदी बनना है चुनौती: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जताया आभार

सारांश

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। हाल ही में हुई दुर्घटना पर पीएम ने फोन कर उनका हाल पूछा। आचार्य ने कहा कि मोदी की आलोचना करना आसान है, लेकिन उनके जैसा बनना कठिन है।

Key Takeaways

  • आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
  • दुर्घटना के बाद पीएम ने उनका हाल-चाल पूछा।
  • आलोचना करना आसान, मोदी जैसे बनना मुश्किल है।
  • आचार्य प्रमोद का स्वास्थ्य अब स्थिर है।
  • अनुयायी उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। श्री कल्कि धाम के प्रमुख पुजारी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। हाल ही में एक दुर्घटना के बाद, प्रधानमंत्री ने स्वयं फोन कर आचार्य प्रमोद कृष्णम का हाल-चाल पूछा था। उन्होंने कहा कि मोदी की आलोचना करना तो सरल है, लेकिन उनके जैसा कद और नेतृत्व क्षमता प्राप्त करना कहीं अधिक कठिन है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मैं तहे दिल से आभार एवं आशीर्वाद प्रकट करता हूं, जिन्होंने आज फोन पर मेरा हालचाल पूछा। पीएम मोदी की आलोचना करना बहुत आसान है, लेकिन 'मोदी' बनना बहुत 'मुश्किल' है।

वास्तव में, आचार्य प्रमोद कृष्णम गाजियाबाद स्थित अपने आवास पर गिर गए थे, जिससे उनके माथे पर चोट लग गई। परिवार के सदस्यों ने उन्हें गाजियाबाद के मेडिसिटी यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब आचार्य प्रमोद कृष्णम उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने आवास से निकल रहे थे। अचानक उनका पैर फिसल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। इस गिरने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई और माथे पर लगभग ढाई इंच गहरा घाव हो गया।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि उन्हें बुधवार शाम 4 बजे मोहन नगर स्थित आईटीएस कॉलेज में एक कार्यक्रम में शामिल होना था। इसी सिलसिले में वे मंगलवार शाम को कल्कि धाम से अपने राजेंद्र नगर, सेक्टर 3 स्थित आवास पर लौटे थे।

श्री कल्कि धाम के मीडिया प्रवक्ता पंकज चहल ने जानकारी दी कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम बुधवार को गाजियाबाद स्थित अपने आवास पर थे, तभी फर्श पर उनका पैर फिसल गया। इससे वे गिर पड़े और उनके माथे पर लगभग दो इंच गहरा घाव हो गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनके घावों की सर्जरी की है। अब उनकी स्थिति स्थिर है। जो भी इस घटना के बारे में जानता है, वह पीठाधीश्वर से मिलने के लिए अस्पताल पहुंच रहा है। हालांकि, डॉक्टरों ने वहां भीड़ जमा होने से रोका है, और केवल परिवार के सदस्यों को ही उनसे मिलने की अनुमति दी है।

इस घटना के बाद उनके अनुयायी और भक्त काफी चिंतित हो गए। कई भक्तों ने फोन कॉल और अन्य माध्यमों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी, साधु-संत आचार्य प्रमोद कृष्णम का हालचाल जानने के लिए गाजियाबाद स्थित उनके आवास पर भक्त आते रहे। श्रीमद् जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज, अखाड़ा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री नारायण गिरि, और महामंडलेश्वर कंचन गिरि महाराज सहित कई अन्य साधु-संतों और अनुयायियों ने उनसे मुलाकात की।

Point of View

यह दर्शाता है कि कैसे एक नेता व्यक्तिगत रूप से भी अपने अनुयायियों की चिंता करते हैं। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है कि आलोचना के साथ-साथ हमें नेतृत्व की कठिनाइयों को भी समझना चाहिए।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

आचार्य प्रमोद कृष्णम कौन हैं?
आचार्य प्रमोद कृष्णम श्री कल्कि धाम के प्रमुख पुजारी हैं, जो धार्मिक और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य प्रमोद को क्यों फोन किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य प्रमोद को हाल ही में हुई एक दुर्घटना के बाद हाल-चाल पूछने के लिए फोन किया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम को क्या चोट लगी है?
आचार्य प्रमोद कृष्णम को गाजियाबाद में गिरने से माथे पर गंभीर चोट आई है।
क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम की स्थिति स्थिर है?
जी हां, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी स्थिति अब स्थिर है।
आचार्य प्रमोद के अनुयायी इस घटना पर कैसे प्रतिक्रिया कर रहे हैं?
आचार्य प्रमोद के अनुयायी और भक्त उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं और उनकी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं।
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