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क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल-अखिलेश पर हमला कर भारत को बांग्लादेश बनाने का आरोप लगाया?

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क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल-अखिलेश पर हमला कर भारत को बांग्लादेश बनाने का आरोप लगाया?

सारांश

हापुड़ में नेह नीड फाउंडेशन के कार्यक्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे भारत को बांग्लादेश बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी टिप्पणियाँ राजनीतिक परिदृश्य में नई बहस को जन्म दे सकती हैं।

मुख्य बातें

विपक्ष की राजनीति पर आचार्य प्रमोद की तीखी टिप्पणी।
2027 के चुनावों की तैयारी पर सुझाव।
धार्मिक स्थलों के निर्माण पर उनके विचार।
राजनीतिक विवादों का संदर्भ और उनके प्रभाव।
भारत की विविधता को बनाए रखने की आवश्यकता।

हापुड़, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेह नीड फाउंडेशन के पांचवे वार्षिक समारोह में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राजनीति के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। ब्रजघाट में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर सुझाव दिए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया।

आचार्य प्रमोद ने कहा कि विपक्ष बिना किसी ठोस कारण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णयों का विरोध कर रहा है और देश को अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहा है।

बिहार के हिजाब विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री राज्य के अभिभावक होते हैं, पिता की तरह। यदि कोई पिता अपनी बेटी से मिलते समय बहुत अधिक औपचारिकता बरते, तो यह पिता-बेटी के रिश्ते की पवित्रता को प्रभावित करता है। नीतीश कुमार ने बस अपने बेटी का घूंघट छुआ। इस पर कोई हंगामा करने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दिए जाने की आलोचना की और कहा कि ऐसे विवाद राजनीतिक लाभ के लिए उभारे जाते हैं।

मस्जिद और चर्च के निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, "हमें मस्जिद या चर्च बनने से कोई आपत्ति नहीं है। पहले ही हजारों मस्जिदें हैं। एक और बनने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालाँकि, मस्जिदों का निर्माण हमलावरों या लुटेरों के नाम पर नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों का निर्माण शांतिपूर्ण उद्देश्यों से होना चाहिए, न कि ऐतिहासिक आक्रांताओं के नाम पर। भारत में विविधता बनाए रखना अति आवश्यक है।

कोडीन कफ सिरप मामले पर अखिलेश यादव के बयान की प्रतिक्रिया में आचार्य प्रमोद ने सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव एक शिक्षित और सक्षम व्यक्ति हैं। हालाँकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में आने के बाद से उन्होंने भी बेतुके और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना शुरू कर दिया है। यह प्रतीत होता है कि राहुल गांधी का प्रभाव अखिलेश यादव पर चढ़ गया है। 2027 के चुनाव आ रहे हैं, और अखिलेश यादव को भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को समझते हुए अपनी तैयारी करनी चाहिए और समाजवादी विचारधारा को जिम्मेदार और सही तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए।"

उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की और कहा, "विपक्ष भारत को बांग्लादेश बनाना चाहता है, जो कि भारत के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। वे बिना किसी ठोस कारण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए निर्णयों की आलोचना करते हैं। मुझे डर है कि यदि प्रधानमंत्री एक दिन कहें कि सूरज पूरब से उगता है, तो राहुल गांधी और उनकी टीम कहेगी कि प्रधानमंत्री गलत हैं। उनकी आलोचना रचनात्मक नहीं है। वे प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करते हैं। जब प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय हित में निर्णय लेते हैं, तो वे उनका विरोध करते हैं। वे संसद को कबड्डी के मैदान में बदलना चाहते हैं और इस देश को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आचार्य प्रमोद कृष्णम की टिप्पणियाँ हमारे राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण हैं। उनकी चिंता यह है कि विपक्ष की आलोचना रचनात्मक नहीं है और वे देश के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। हमें लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किस कार्यक्रम में भाग लिया?
उन्होंने नेह नीड फाउंडेशन के पांचवे वार्षिक समारोह में भाग लिया।
आचार्य प्रमोद ने किस पर तीखा हमला बोला?
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राष्ट्र प्रेस
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