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क्या पीएम मोदी में कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग तीनों समाहित हैं?: आचार्य प्रमोद कृष्णम

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क्या पीएम मोदी में कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग तीनों समाहित हैं?: आचार्य प्रमोद कृष्णम

सारांश

क्या पीएम मोदी में कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का संगम है? आचार्य प्रमोद कृष्णम का मानना है कि उनका जन्म भारतीयों के लिए सौभाग्य का प्रतीक है। जानिए उनके विचार और मोदी के योगदान पर।

मुख्य बातें

पीएम मोदी का जन्म भारतवासियों के लिए सौभाग्य है।
कर्मयोग , भक्तियोग और ज्ञानयोग का समावेश।
भारत की संस्कृति को पुनर्जीवित करने में मोदी का योगदान।
राहुल गांधी के आरोपों पर आचार्य प्रमोद कृष्णम की प्रतिक्रिया।
इंडिया गठबंधन की राजनीति की आलोचना।

नई दिल्‍ली, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म भारतवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। उनमें कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग तीनों समाहित हैं। मैं कल्कि धाम की ओर से उनके दीर्घायु, स्वस्थ और पराक्रमी जीवन की हार्दिक कामना करता हूं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ भारत के ही नहीं, बल्कि विश्व के नेता हैं, सनातन संस्कृति के रक्षक और शांति के दूत हैं। पीएम मोदी में कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग तीनों समाहित हैं। उनके नेतृत्व ने राम मंदिर से लेकर काशी विश्वनाथ और महाकाल कॉरिडोर तक भारत की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया है। समाज का हर वर्ग - युवा, किसान, जवान, कर्मचारी और उद्योगपति उनके जन्मदिन को राष्ट्र पर्व के रूप में मनाता है। जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने और देश भर के कई मंदिरों के जीर्णोद्धार जैसे अपने निर्णयों से उन्होंने भारत को विश्वगुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। पीएम मोदी को जन्म देकर उस मां की आत्मा आनंदित होगी जो अब हमारे बीच नहीं हैं।

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी को लेकर किए गए प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने के बजाय उसे नष्ट करने की बात करते हैं। वे आए दिन संवैधानिक संस्थाओं जैसे चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। कभी इस देश को बांग्लादेश तो कभी नेपाल बनाने की बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का बयान सही है कि इंडिया गठबंधन बिहार को बंगाल जैसी अराजक स्थिति में धकेलना चाहता है। गठबंधन का मकसद जनता की सेवा नहीं, बल्कि सत्ता प्राप्ति है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यह गठबंधन कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म, कभी भाषा और कभी क्षेत्रवाद के आधार पर देश को तोड़ने की राजनीति करता है। ये लोग बिहार को बंगाल बनाना चाहते हैं। बिहार की जनता को ही तय करना है कि वे इसे स्वीकार करें या रोकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहा है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी के योगदान की सराहना की है?
हां, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी के कार्यों को भारतवासियों के लिए सौभाग्य का प्रतीक बताया है।
राहुल गांधी के आरोपों पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का क्या कहना है?
उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को अनर्गल बताते हुए कहा कि वे लोकतंत्र को नष्ट करने की बात करते हैं।
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति को कैसे पुनर्जीवित किया गया?
मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर और महाकाल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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