क्या नागालैंड के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से सत्य और नैतिकता बनाए रखने की अपील की?
सारांश
Key Takeaways
- गलत सूचना के प्रति सचेत रहना महत्वपूर्ण है।
- पत्रकारिता में सत्य और नैतिकता का पालन आवश्यक है।
- कोहिमा प्रेस क्लब ने 25 वर्षों में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
- राज्य के पत्रकार कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं।
- पत्रकारिता का इतिहास और उसके विकास को समझना आवश्यक है।
कोहिमा, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गलत सूचना के बढ़ते प्रसार और तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मंगलवार को पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते समय सत्य, नैतिक पत्रकारिता और संवेदनशीलता के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहें।
कोहिमा स्थित कैपिटल कन्वेंशन सेंटर में कोहिमा प्रेस क्लब (KPC) की 25वीं वर्षगांठ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की खबरों में विवाद और नकारात्मकता बढ़ती जा रही है।
उन्होंने चिंता जताई कि मीडिया का एक वर्ग लगातार व्यवस्था-विरोधी रुख अपना रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर एक चिंताजनक स्थिति बन रही है। मुख्यमंत्री रियो ने उम्मीद जताई कि कोहिमा प्रेस क्लब आने वाले वर्षों में भी निर्भीक, जिम्मेदार और संतुलित पत्रकारिता का प्रकाशस्तंभ बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों, उद्योगों की कमी और अपर्याप्त विज्ञापन समर्थन जैसी चुनौतियों के बावजूद, नागालैंड में पत्रकारिता का सफर निरंतर आगे बढ़ा है। राज्य के पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी प्रतिबद्धता और दृढ़ता के साथ कार्य कर रहे हैं।
नागालैंड में मीडिया के इतिहास को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने 1933 में प्रकाशित पहले स्थानीय भाषा के समाचार पत्र ‘नागा मैसेंजर’ का उल्लेख किया। यद्यपि इसका आओ बोली संस्करण केवल मोकॉकचुंग ज़िले तक सीमित था, फिर भी इसने अपने उद्देश्य को पूरा किया।
मुख्यमंत्री ने कोहिमा प्रेस क्लब की विभिन्न पहलों की सराहना की, जिनमें इम्पैक्ट जर्नलिज़्म अवॉर्ड और नागालैंड बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की मीडिया फेलोशिप शामिल हैं। ये प्रयास न केवल उत्कृष्ट पत्रकारिता को मान्यता देते हैं, बल्कि गहन, जन-केंद्रित रिपोर्टिंग को भी प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने क्लब की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित नॉर्थ ईस्ट मीडिया कॉन्क्लेव्स को भी समयानुकूल और सराहनीय बताया। रियो के अनुसार, यह पहल पत्रकारों को उभरती चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और ईमानदारी जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है।
इस अवसर पर कोहिमा प्रेस क्लब की अध्यक्ष एलिस योशु ने अपने अध्यक्षीय भाषण में क्लब के 25 वर्षों के सफर और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
वहीं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की अध्यक्ष संगीता बरुआह पिशारोटी ने मुख्य भाषण में कोहिमा प्रेस क्लब की सराहना करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों के पत्रकारों के साथ सार्थक संवाद के ज़रिए रजत जयंती मनाना पत्रकारिता जगत के लिए समयोचित और आत्ममंथन का अवसर है।
उन्होंने कहा कि सदस्य संख्या कम होने के बावजूद, कोहिमा प्रेस क्लब ने असाधारण समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता का परिचय दिया है। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे।