दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर: राजस्थान आरआरटीएस नेटवर्क से जुड़ा, 196 किमी में 22 स्टेशन
सारांश
मुख्य बातें
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के विस्तार में एक निर्णायक कदम उठाते हुए राजस्थान अब नमो भारत नेटवर्क का हिस्सा बनने जा रहा है। राजस्थान और हरियाणा सरकारों के बीच सहमति बनने के बाद नई दिल्ली से अलवर तक नमो भारत ट्रेनें संचालित होंगी — यह जानकारी राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने 19 मई 2026 को दी। इस परियोजना से एनसीआर और राजस्थान के बीच हाई-स्पीड, निर्बाध परिवहन संपर्क स्थापित होगा।
कॉरिडोर का मार्ग और संरचना
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर की शुरुआत नई दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से होगी। यह मार्ग मुनिरका, एरोसिटी, गुरुग्राम और बावल से होते हुए एसएनबी (शाहजहाँपुर-नीमराना-बहरोड़) के ज़रिए खैरथल और अलवर तक पहुँचेगा। इसके अतिरिक्त, एसएनबी से नीमराना और बहरोड़ होते हुए सोतनाला तक एक अलग सेक्शन भी विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित नेटवर्क की कुल लंबाई 196 किलोमीटर होगी, जिसमें 22 प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। अकेले राजस्थान में 91 किलोमीटर का ट्रैक और 6 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
तकनीकी विशेषताएँ
आरआरटीएस ट्रेनें समर्पित एलिवेटेड कॉरिडोर पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति से संचालित होंगी — जो पारंपरिक मेट्रो सेवाओं की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। सड़क यातायात से पूरी तरह मुक्त यह नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, एयरपोर्ट और दिल्ली मेट्रो से भी जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीनों नमो भारत कॉरिडोर को इंटरऑपरेबल नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। सराय काले खां स्टेशन मुख्य इंटरचेंज हब के रूप में कार्य करेगा, जहाँ सभी कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे।
आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव
यह कॉरिडोर हरियाणा और राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों — विशेष रूप से भिवाड़ी और नीमराना — से होकर गुज़रेगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे निवेश, रोज़गार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नीमराना और भिवाड़ी पहले से ही जापानी और कोरियाई निवेश के प्रमुख केंद्र हैं — बेहतर कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों की औद्योगिक क्षमता को और मज़बूत कर सकती है।
व्यापक एनसीआर परिवहन योजना में स्थान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की एकीकृत परिवहन योजना के पहले चरण में तीन कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल। इनमें से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का उद्घाटन पहले ही हो चुका है। राजस्थान के इस नेटवर्क से जुड़ने के साथ, एनसीआर का हाई-स्पीड पारगमन ढाँचा तीन राज्यों — उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान — तक विस्तृत हो जाएगा।
आने वाले वर्षों में इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद दिल्ली और अलवर के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है, जो क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव होगा।