नमो भारत के 21 स्टेशनों पर सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग निविदाएं, 3 करोड़ से अधिक ट्रिप्स के बाद NCRTC की बड़ी मार्केटिंग पहल

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नमो भारत के 21 स्टेशनों पर सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग निविदाएं, 3 करोड़ से अधिक ट्रिप्स के बाद NCRTC की बड़ी मार्केटिंग पहल

सारांश

3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स पार कर चुकी नमो भारत सेवा अब कॉर्पोरेट ब्रांड्स के लिए एक बड़ा मंच बनने जा रही है। NCRTC ने 21 प्रमुख स्टेशनों पर सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकारों के लिए निविदाएं आमंत्रित कर गैर-किराया राजस्व का नया रास्ता खोला है — जो सार्वजनिक परिवहन और निजी साझेदारी के बीच एक नई मिसाल बन सकता है।

मुख्य बातें

NCRTC ने 7 मई 2025 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 21 स्टेशनों पर सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकारों के लिए निविदाएं जारी कीं।
चयनित ब्रांड्स को स्टेशन नाम, ट्रेन उद्घोषणाओं, स्टेशन मैप्स, प्लेटफॉर्म और बाहरी पिलर्स पर प्रमुख ब्रांडिंग स्थान मिलेगा।
गुलधर नमो भारत स्टेशन के लिए सेमी-नेमिंग अधिकार पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
नमो भारत सेवा 21 अक्टूबर 2023 से शुरू होकर अब तक 3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर चुकी है।
ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह दिल्ली-मेरठ यात्रा समय को लगभग एक-तिहाई तक घटाती है।
निविदा दस्तावेज NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने 7 मई 2025 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 21 प्रमुख स्टेशनों पर विशेष सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकारों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह पहल देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सेवा के 3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार करने के बाद शुरू की गई है, जो इस कॉरिडोर की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता को रेखांकित करती है।

पहल का उद्देश्य और संरचना

NCRTC के अनुसार, इस मार्केटिंग पहल का मुख्य उद्देश्य बड़े ब्रांड्स और कॉर्पोरेट कंपनियों को नमो भारत सेवा के साथ जोड़कर उन्हें व्यापक दृश्यता और पहचान दिलाना है। चयनित ब्रांड्स को संबंधित स्टेशन के मूल नाम के आगे या पीछे अपना नाम प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इस प्रकार स्टेशन की पहचान में ब्रांड का नाम स्थायी रूप से जुड़ जाएगा।

को-ब्रांडिंग के तहत मिलने वाली सुविधाएं

निविदा के अंतर्गत चयनित कंपनियों को स्टेशन परिसर, कॉनकोर्स एरिया, प्लेटफॉर्म, प्रवेश व निकास द्वारों और बाहरी पिलर्स पर ब्रांडिंग की सुविधा दी जाएगी। इससे लाखों यात्रियों और सड़क से गुजरने वाले लोगों तक ब्रांड की निरंतर पहुंच सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, को-ब्रांडेड स्टेशनों के नाम ट्रेन के अंदर होने वाली उद्घोषणाओं में भी शामिल किए जाएंगे और स्टेशन मैप्स पर ब्रांड का लोगो प्रमुखता से प्रदर्शित होगा। NCRTC स्टेशन परिसरों में कियोस्क स्थापित करने के लिए समर्पित स्थान भी उपलब्ध कराएगा, जिससे कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ सीधे अनुभवात्मक मार्केटिंग कर सकेंगी।

शामिल 21 स्टेशन

गौरतलब है कि गुलधर नमो भारत स्टेशन के लिए सेमी-नेमिंग अधिकार पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत शामिल 21 स्टेशनों में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मेरठ साउथ, बेगमपुल और मोदीपुरम सहित अन्य प्रमुख स्टेशन हैं। इनमें नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाओं के स्टेशन सम्मिलित हैं। NCRTC के अनुसार ये स्टेशन घनी आबादी वाले क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय इलाकों के निकट स्थित हैं, जिससे ब्रांड्स को अधिकतम एक्सपोज़र मिलेगा।

नमो भारत की बढ़ती लोकप्रियता

21 अक्टूबर 2023 से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुई नमो भारत सेवा अब तक 3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर चुकी है। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ यह ट्रेन दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा समय को लगभग एक-तिहाई तक कम करती है। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया गया था और साथ में मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन किया गया था।

राजस्व और साझेदारी का नया मॉडल

NCRTC की यह पहल न केवल राजस्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि निजी कंपनियों और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के बीच साझेदारी को भी नई मजबूती देगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के मेट्रो और रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क गैर-किराया राजस्व के नए स्रोत तलाश रहे हैं। इच्छुक कंपनियां निविदा दस्तावेज NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्राप्त कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब उद्घोषणाओं में भी बदलाव हो। दुनिया के कई शहरों में स्टेडियम और ट्रांजिट स्टेशन नेमिंग राइट्स से राजस्व तो मिला, लेकिन ब्रांड बदलने पर जनता में भ्रम भी फैला। NCRTC को यह सुनिश्चित करना होगा कि राजस्व की यह दौड़ यात्री अनुभव और स्थानीय पहचान की कीमत पर न हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमो भारत स्टेशन सेमी-नेमिंग अधिकार क्या होते हैं?
सेमी-नेमिंग अधिकार के तहत कोई ब्रांड या कंपनी स्टेशन के मूल नाम के आगे या पीछे अपना नाम जोड़ सकती है। इससे स्टेशन की आधिकारिक पहचान में उस ब्रांड का नाम शामिल हो जाता है और ट्रेन उद्घोषणाओं व स्टेशन मैप्स पर भी यह नाम प्रदर्शित होता है।
NCRTC ने किन 21 स्टेशनों पर को-ब्रांडिंग निविदाएं जारी की हैं?
NCRTC ने सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मेरठ साउथ, बेगमपुल और मोदीपुरम सहित 21 प्रमुख स्टेशनों पर निविदाएं जारी की हैं। इनमें नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाओं के स्टेशन शामिल हैं।
नमो भारत सेवा कब शुरू हुई और अब तक कितने यात्री सफर कर चुके हैं?
नमो भारत सेवा 21 अक्टूबर 2023 से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुई और अब तक 3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सेवा है जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती है।
को-ब्रांडिंग से चयनित कंपनियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
चयनित कंपनियों को स्टेशन नाम में ब्रांड जोड़ने के अलावा प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स, प्रवेश-निकास द्वारों और बाहरी पिलर्स पर ब्रांडिंग मिलेगी। ट्रेन उद्घोषणाओं और स्टेशन मैप्स पर लोगो प्रदर्शन के साथ-साथ कियोस्क स्थापित करने की सुविधा भी दी जाएगी।
निविदा दस्तावेज कहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं?
इच्छुक कंपनियां NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल से निविदा दस्तावेज प्राप्त कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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