नमो भारत कॉरिडोर ने पार किया 3 करोड़ ट्रिप्स का आंकड़ा, दिल्ली-मेरठ यात्रा अब सिर्फ एक घंटे में

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नमो भारत कॉरिडोर ने पार किया 3 करोड़ ट्रिप्स का आंकड़ा, दिल्ली-मेरठ यात्रा अब सिर्फ एक घंटे में

सारांश

82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर लिया है। दिल्ली से मेरठ की यात्रा तीन घंटे से घटकर एक घंटे में सिमट गई है और मासिक राइडरशिप 27 लाख को छू चुकी है — यह एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन की बदलती तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है।

मुख्य बातें

नमो भारत कॉरिडोर ने 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया।
सेवा की शुरुआत 21 अक्टूबर 2023 को 17 किलोमीटर के प्राथमिक खंड से हुई थी; अब पूरा कॉरिडोर 82 किलोमीटर लंबा है।
सामान्य दिनों में 90 हजार से 1.14 लाख यात्री प्रतिदिन; मार्च 2026 में मासिक राइडरशिप 27 लाख तक पहुँची।
दिल्ली से मेरठ की यात्रा तीन घंटे से घटकर अब एक घंटे में पूरी होती है।
सेवा में 99 प्रतिशत समयबद्धता , क्यूआर टिकटिंग, सीसीटीवी निगरानी और महिलाओं के लिए आरक्षित कोच उपलब्ध।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है — और यह उपलब्धि पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के संचालन शुरू होने के कुछ ही महीनों के भीतर हासिल हुई है। वर्तमान में सामान्य दिनों में 90 हजार से 1.14 लाख यात्री प्रतिदिन इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जो एनसीआर में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है।

मुख्य घटनाक्रम और विस्तार की यात्रा

नमो भारत सेवा की शुरुआत 21 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिक खंड से हुई थी। शुरुआती दौर से ही यात्रियों का उत्साहजनक रुझान देखा गया। इसके बाद मार्च 2024 में मोदीनगर नॉर्थ और अगस्त 2024 में मेरठ साउथ तक विस्तार किया गया, जिससे परिचालित नेटवर्क 42 किलोमीटर तक पहुँच गया।

जनवरी 2025 में न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद के बीच 13 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड के जुड़ने से राइडरशिप में बड़ा उछाल आया। आनंद विहार जैसे मल्टी-मॉडल हब के विकसित होने से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी काफी आसान हुई।

राइडरशिप के अहम पड़ाव

मई 2025 में 1 करोड़ ट्रिप्स का आंकड़ा पार करने के बाद जुलाई 2025 तक मासिक राइडरशिप 15 लाख तक पहुँच गई। दिसंबर 2025 में 2 करोड़ ट्रिप्स का माइलस्टोन हासिल हुआ और फरवरी 2026 में पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का संचालन शुरू होने के साथ रफ्तार और तेज हो गई। मार्च 2026 में मासिक राइडरशिप 27 लाख तक पहुँच गई और कुछ ही महीनों में 3 करोड़ ट्रिप्स का आंकड़ा पार हो गया।

गौरतलब है कि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री द्वारा मेरठ मेट्रो के साथ पूरे कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के बाद से राइडरशिप में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिसंबर 2024 तक मासिक राइडरशिप लगभग 7 लाख थी, जो अब चार गुना से भी अधिक हो चुकी है।

समय की बचत: सबसे बड़ा आकर्षण

नमो भारत की सफलता का सबसे बड़ा कारण यात्रा समय में भारी कमी है। दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा, जो पहले सड़क मार्ग से लगभग तीन घंटे में पूरी होती थी, अब करीब एक घंटे में पूरी हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीआर के राजमार्गों पर यातायात जाम एक स्थायी समस्या बनी हुई है।

क्यूआर आधारित टिकटिंग, रीयल-टाइम ट्रैकिंग और विभिन्न परिवहन सेवाओं के साथ एकीकरण ने यात्रा अनुभव को और भी सुगम बना दिया है। 99 प्रतिशत समयबद्धता के साथ यह सेवा हर मौसम और भीड़भाड़ के दौरान भी यात्रियों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुँचा रही है।

सुरक्षा और यात्री सुविधाएँ

सुरक्षा के लिहाज से नमो भारत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। सीसीटीवी निगरानी, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, एसओएस बटन और बेहतर स्टेशन सुविधाएँ इसे एनसीआर के यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनाती हैं। रविवार को यात्रियों की संख्या करीब 85 हजार रहती है, जो यह दर्शाता है कि यह सेवा केवल कामकाजी दिनों तक सीमित नहीं रही।

आगे की राह

नमो भारत की बढ़ती राइडरशिप यह संकेत देती है कि एनसीआर के यात्री धीरे-धीरे निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल यातायात जाम कम करने में सहायक है, बल्कि क्षेत्र में वायु प्रदूषण घटाने की दिशा में भी सकारात्मक योगदान दे सकती है। आने वाले महीनों में राइडरशिप के और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है या केवल नवीनता के उत्साह से प्रेरित। एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन की ऐतिहासिक चुनौती यह रही है कि शुरुआती रुझान के बाद राइडरशिप स्थिर हो जाती है — दिल्ली मेट्रो के कई कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। मासिक राइडरशिप का 27 लाख तक पहुँचना उत्साहजनक है, पर यह आंकड़ा तब और अर्थपूर्ण होगा जब लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और अंतर-शहर एकीकरण और मज़बूत हो। फिलहाल, नमो भारत एनसीआर की भीड़भाड़ और प्रदूषण की दोहरी समस्या का सबसे व्यावहारिक जवाब बनकर उभर रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमो भारत कॉरिडोर ने 3 करोड़ ट्रिप्स का आंकड़ा कब पार किया?
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने मई 2026 तक 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर लिया, जो फरवरी 2026 में पूरे 82 किलोमीटर कॉरिडोर के संचालन शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद हासिल हुआ।
नमो भारत कॉरिडोर कितने किलोमीटर लंबा है और इसके मुख्य स्टेशन कौन से हैं?
नमो भारत कॉरिडोर अब 82 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ तक फैला है। आनंद विहार एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब है जो दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
नमो भारत से दिल्ली से मेरठ पहुँचने में कितना समय लगता है?
नमो भारत से दिल्ली से मेरठ की यात्रा अब करीब एक घंटे में पूरी होती है, जबकि सड़क मार्ग से यही दूरी तय करने में पहले लगभग तीन घंटे लगते थे।
नमो भारत में प्रतिदिन कितने यात्री सफर करते हैं?
वर्तमान में सामान्य दिनों में 90 हजार से 1.14 लाख यात्री प्रतिदिन नमो भारत का उपयोग करते हैं, जबकि रविवार को यह संख्या करीब 85 हजार रहती है।
नमो भारत में यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
नमो भारत में सीसीटीवी निगरानी, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, एसओएस बटन और बेहतर स्टेशन सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा सेवा 99 प्रतिशत समयबद्धता के साथ संचालित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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