दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर नई राइडरशिप रिकॉर्ड, एक दिन में 1 लाख से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर
सारांश
Key Takeaways
- रिकॉर्ड राइडरशिप: पहले दिन 1 लाख से अधिक यात्री।
- सीधे कनेक्टिविटी: आनंद विहार, गाजियाबाद और अन्य प्रमुख स्थान।
- आधुनिक सुविधाएं: हाई-स्पीड, वातानुकूलित ट्रेनों की उपलब्धता।
- यात्री-केंद्रित: 70%25 की वृद्धि दर्शाता है।
- नवीनतम तकनीक: 135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड।
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष खंडों और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद पहले पूर्ण संचालन दिवस पर अभूतपूर्व राइडरशिप देखी गई। सोमवार को पूरे कॉरिडोर पर एक ही दिन में १ लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पहले इस कॉरिडोर पर औसतन प्रतिदिन लगभग ६०,००० यात्री यात्रा कर रहे थे। नए रिकॉर्ड के साथ राइडरशिप में लगभग ७० प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इस कॉरिडोर का सबसे व्यस्त स्टेशन मेरठ शहर के मध्य स्थित बेगमपुल रहा, जहां सबसे अधिक संख्या में यात्री पाए गए। यह भूमिगत स्टेशन आबू लेन मार्केट और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र के बीच है और नमो भारत तथा मेरठ मेट्रो दोनों सेवाएं प्रदान करता है। उद्घाटन के साथ ही यह स्टेशन शहर का प्रमुख मोबिलिटी हब बन गया है। दूसरे स्थान पर आनंद विहार स्टेशन है, जो कॉरिडोर का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब है। यहां से आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक और ब्लू लाइन, स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, कौशांबी बस स्टैंड और सिटी बस सेवाओं से सीधी कनेक्टिविटी मिलती है।
गाजियाबाद स्टेशन ने भी उच्च राइडरशिप दर्ज की। यह स्टेशन दिल्ली और मेरठ के बीच एक महत्वपूर्ण द्वार के रूप में कार्य करता है और फुट ओवरब्रिज के माध्यम से दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन के शहीद स्थल स्टेशन से जुड़ा है। नव उद्घाटित सराय काले खां, शताब्दी नगर और मोदीपुरम स्टेशनों पर भी यात्रियों की अच्छी संख्या देखी गई। न्यू अशोक नगर स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
इस नई सेवा का अनुभव लेने के लिए केवल दैनिक यात्री ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में परिवार और युवा भी यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों ने हाई-स्पीड, पूर्णत: वातानुकूलित और आरामदायक ट्रेनों की सराहना की। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने अपनी सेल्फी और वीडियो साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २२ फरवरी को न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक ५ किमी और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक २१ किमी खंड का उद्घाटन किया। इसके अलावा, सराय काले खां से मोदीपुरम तक कुल १५ स्टेशनों वाला संपूर्ण कॉरिडोर चालू हो गया। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक मेरठ मेट्रो सेवा भी शुरू की गई। 135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली बन गई है।
इस २१ किमी लंबे खंड में १२ स्टेशन हैं, जिनमें मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम इंटरचेंज स्टेशन शामिल हैं। पहले दिन की रिकॉर्ड राइडरशिप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोग तेज, सुरक्षित और एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को तेजी से अपना रहे हैं। यह परियोजना क्षेत्र में आधुनिक और यात्री-केंद्रित गतिशीलता के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।