नमो भारत ने एक दिन में 1,25,500 यात्रियों का रिकॉर्ड बनाया, NCR में सार्वजनिक परिवहन क्रांति
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने 9 जून 2025 को अपना अब तक का सर्वाधिक दैनिक यात्री संख्या का रिकॉर्ड दर्ज किया, जब एक ही दिन में लगभग 1,25,500 यात्रियों ने इस मार्ग पर सफर किया। अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शहरी यातायात के स्वरूप में आ रहे एक निर्णायक बदलाव की पुष्टि करती है।
रिकॉर्ड का महत्व
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि NCR के यात्री तेज़, भरोसेमंद और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन के रूप में नमो भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। गौरतलब है कि औसतन लगभग 1 लाख यात्री प्रतिदिन इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं, और एकल-दिवसीय रिकॉर्ड इस औसत से 25 प्रतिशत से अधिक ऊपर है।
यात्रियों की पसंद क्यों बनी नमो भारत
नमो भारत की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी है। ऑफिस जाने वाले, छात्र और नियमित यात्री सड़क यातायात की अनिश्चितताओं से बचने के लिए इसे चुन रहे हैं। बयान के अनुसार, यह सेवा लगभग 99 प्रतिशत समयबद्धता बनाए रखती है — जो इसे दिल्ली-एनसीआर के किसी भी सार्वजनिक परिवहन माध्यम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में से एक बनाती है।
व्यस्ततम स्टेशन और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
बयान में बताया गया कि दिल्ली के सराय काले खान, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद तथा मेरठ के बेगमपुल इस कॉरिडोर के सबसे व्यस्त स्टेशन हैं। ये स्टेशन मेट्रो, भारतीय रेलवे, ISBT सेवाओं और सिटी बसों से निर्बाध रूप से जुड़े हैं, और कुल यात्रियों का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इन्हीं स्टेशनों से गुजरता है।
मेरठ में एकीकृत क्षेत्रीय और स्थानीय परिवहन
इसी नमो भारत बुनियादी ढाँचे पर मेरठ में चलने वाली स्थानीय मेट्रो सेवाओं ने शहर के भीतर आवागमन को काफी सुगम बनाया है। यह अनूठा एकीकरण यात्रियों को एक ही कॉरिडोर पर क्षेत्रीय और स्थानीय — दोनों तरह की यात्रा के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी देता है, जो भारत में अपनी तरह का विशिष्ट प्रयोग है।
पर्यावरण और किफायत का पहलू
ईंधन की बढ़ती कीमतों के दौर में पूरी तरह वातानुकूलित नमो भारत ट्रेनें न केवल दिल्ली-एनसीआर की भीषण गर्मी में आरामदायक सफर सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि निजी वाहनों की तुलना में एक किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में भी उभर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें शहरी वायु प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। आने वाले महीनों में कॉरिडोर के और विस्तार के साथ यात्री संख्या में और वृद्धि की संभावना है।