नमो भारत कॉरिडोर पर 8 अतिरिक्त ट्रिप्स शुक्रवार से, पीक आवर्स में सराय काले खां–मेरठ साउथ रूट पर राहत
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर शुक्रवार, 23 मई 2025 से 8 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स शुरू करने की घोषणा की है। यह निर्णय प्रतिदिन औसतन लगभग 1 लाख यात्रियों की बढ़ती संख्या और पीक आवर्स में भीड़ के दबाव को देखते हुए लिया गया है।
नया संशोधित शेड्यूल
NCRTC के अनुसार, अतिरिक्त ट्रिप्स विशेष रूप से सर्वाधिक भीड़ वाले समय में चलाई जाएंगी। नए शेड्यूल के तहत सुबह 8 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच सराय काले खां से मेरठ साउथ स्टेशन के बीच ये अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इन सेवाओं को संचालित करने के लिए कॉरिडोर पर दो नई ट्रेनें भी तैनात की जाएंगी।
यात्री संख्या में तेज उछाल
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में नमो भारत सेवा की माँग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन लगभग 1 लाख यात्री इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं। यह संख्या इस बात का संकेत है कि बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय तेज़, एयर-कंडीशंड और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह रुझान और भी स्पष्ट हुआ है।
नमो भारत कॉरिडोर की विशेषताएँ
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड रेल प्रणाली है। नमो भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति से चलने में सक्षम हैं, जिससे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा समय में लगभग एक तिहाई की कमी आई है। यह कॉरिडोर आधुनिक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन चुका है।
पर्यावरण और ट्रैफिक पर असर
NCRTC का कहना है कि यह पहल केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है। वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते उपयोग से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों में कमी आने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता और सड़क जाम एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
आगे की राह
NCRTC लगातार यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयास कर रहा है। अतिरिक्त 8 ट्रिप्स शुरू होने से रोज़ाना यात्रा करने वाले हज़ारों यात्रियों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है, और विशेषज्ञों का मानना है कि माँग की इस रफ्तार को देखते हुए आने वाले महीनों में सेवाओं का और विस्तार हो सकता है।