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क्या बिहार के बाघ ने गन्ने के खेत में नीलगाय का शिकार किया?

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क्या बिहार के बाघ ने गन्ने के खेत में नीलगाय का शिकार किया?

सारांश

बिहार के बेतिया में भंगाहा गांव के गन्ने के खेत में बाघ के नीलगाय का शिकार करने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। वन विभाग ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है। क्या बाघ फिर से गांवों में आ सकता है?

मुख्य बातें

गन्ने के खेत में बाघ ने नीलगाय का शिकार किया।
घटना से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग ने सुरक्षा के लिए एहतियात बरती है।
ग्रामीणों को बाघ की गतिविधियों की सूचना देने के लिए कहा गया है।
प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।

पटना, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में गांव वालों को बाघ का आतंक परेशान कर रहा है। भंगाहा गांव के सराय क्षेत्र में मंगलवार को एक गन्ने के खेत में बाघ ने नीलगाय को अपना शिकार बनाया, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

इस घटना ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। मंगलवार को जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने गन्ने के खेत में नीलगाय का क्षत-विक्षत शव देखा।

मृत जानवर के चारों ओर बाघ के पंजों के स्पष्ट निशान थे, जिससे बाघ की उपस्थिति की पुष्टि हुई। यह स्थान वाल्मीकिनगर बाघ अभ्यारण्य (वीटीआर) के निकट है, जो बाघों का प्राकृतिक आवास है।

खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर चिंता जताई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया।

वन अधिकारियों की एक टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र को घेर लिया।

वन कर्मियों ने बाघ की गतिविधियों और वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए उसके पदचिह्नों का अनुसरण करना शुरू कर दिया है।

मंगुराहा वन क्षेत्र के रेंजर सुनील पाठक ने पुष्टि की है कि ग्रामीणों से बाघ के देखे जाने और नीलगाय पर हमले के संबंध में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई है।

उन्होंने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित रूप से वापस जंगल में भेजने के प्रयास जारी हैं।

एहतियात के तौर पर, वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वन विभाग ने गांव वालों से अकेले खेतों में न जाने, बच्चों और पालतू पशुओं पर कड़ी निगरानी रखने और बाघ की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया है।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा क्षेत्र में संयुक्त गश्त भी तेज कर दी गई है।

इन उपायों के बावजूद ग्रामीणों में डर

प्रशासन ने गांव वालों को आश्वासन दिया है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्रामीण सुरक्षित रहें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाघ ने नीलगाय का शिकार कब किया?
बाघ ने नीलगाय का शिकार मंगलवार को किया था।
गांव वालों ने वन विभाग को कब सूचित किया?
गांव वालों ने घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी।
क्या प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए कोई सलाह जारी की है?
हां, वन विभाग ने ग्रामीणों को खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी है।
बाघ की गतिविधियों पर कौन नजर रख रहा है?
वन कर्मी बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
क्या बाघ फिर से गांवों में आ सकता है?
ग्रामीणों को इस संबंध में चिंता है कि बाघ फिर से आबादी वाले इलाके में आ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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