प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल यात्रा के दौरान प्रेस वार्ता में रिश्तों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया
सारांश
Key Takeaways
- भारत-इजरायल के संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा मिला।
- आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का संकल्प।
- द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर।
- उभरती टेक्नोलॉजी में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- युवाओं और शोधकर्ताओं को जोड़ने की प्राथमिकता।
यरूशलम, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा के दूसरे दिन, गुरुवार को भारत-इजरायल जॉइंट प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने सभी को शालोम (नमस्कार) कहकर अपनी बात की शुरुआत की और भारतीय डेलिगेशन के गर्मजोशी से स्वागत के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुझे बुधवार को इजरायल की संसद को संबोधित करने का अवसर मिला। नौ साल बाद यहाँ वापस आकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे 'स्पीकर ऑफ द नेसेट अवार्ड' से सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान के लिए संसद, स्पीकर, मेरे मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायल की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। इस सम्मान को मैं १४० करोड़ भारतीयों और भारत-इजरायल की मित्रता को समर्पित करता हूँ।
उन्होंने कहा कि आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और गति देने पर चर्चा की। पिछले वर्ष, आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने एक द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जल्द ही, हम एक आपसी लाभकारी मुक्त व्यापार समझौता करेंगे। टेक्नोलॉजी हमारी साझेदारी का मुख्य हिस्सा है। आज, हमने आवश्यक और उभरती टेक्नोलॉजी के लिए एक साझेदारी बनाने का निर्णय लिया है। इससे एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, और आवश्यक खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि आज हमने समय की कसौटी पर खरी साझेदारी को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हमारे दोनों देशों की आशाओं को दर्शाता है। हमारा रिश्ता गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपीआई के उपयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों देशों के युवाओं, निवेशकों और शोधकर्ताओं को जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है। हमने इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम की स्थापना की है।
उन्होंने कहा, "आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हम इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर और इंडिया-इजरायल-यूएई-यूएसए (आईटूयूट) पर नई गति से आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे।