अभिनेता विवेक की पुण्यतिथि: सिनेमा के उस सितारे ने समाज को दिखाया आईना और दिया 'हरा' संदेश
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जब हम तमिल सिनेमा की कॉमेडी का जिक्र करते हैं, तो सबसे पहले अभिनेता विवेकानंदन का नाम आता है। उन्होंने अपनी कल्ट कॉमेडी फिल्मों के जरिए दर्शकों का दिल जीत लिया और साउथ सिनेमा में अपनी अनोखी कॉमेडी शैली से एक अमिट छाप छोड़ी।
अभिनेता ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन बहुत कम उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी पुण्यतिथि 17 अप्रैल को मनाई जाएगी।
सिनेमा में विवेक के नाम से मशहूर इस अभिनेता के लिए कॉमेडी उनका जीवन था। तमिलनाडु में जन्मे विवेक ने मद्रास ह्यूमर क्लब से स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। उन्हें चेन्नई में सचिवालय में काम करते हुए भी कई पुरस्कार मिले थे। मंच पर उनकी कॉमेडी ऐसी होती थी कि दर्शक हंस-हंसकर लोटपोट हो जाते थे। विवेक को सिनेमा जगत के दिग्गज निर्देशक के. बालाचंदर ने अपने साथ जोड़ा, जिन्होंने रजनीकांत जैसे महान कलाकारों को भी सिनेमा से जोड़ा।
1987 में विवेक ने फिल्म 'मनथिल उरुधि वेंडम' से तमिल सिनेमा में कदम रखा। उन्होंने 80 के दशक में कई तमिल फिल्मों में छोटी भूमिकाएं निभाईं, लेकिन 90 के दशक के अंत में वे एक बड़े कॉमेडियन के रूप में उभरे। 2000 से 2001 के बीच, उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया और तमिल सिनेमा का एक लोकप्रिय चेहरा बन गए। विवेक ने रजनीकांत, आर माधवन और थलापति विजय जैसे कलाकारों के साथ भी स्क्रीन पर अपने संवाद से दर्शकों को हंसाया।
उन्होंने 'खुशी', 'मिन्नाले', 'अलाइपायुथे', 'मुगावरी', 'डम्म डम्म डम्म', 'शिवाजी द बॉस' जैसी कई फिल्मों में अदाकारी की। कॉमेडी के अलावा, उन्होंने सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों में भी काम किया। उनकी 'कधल सदुगुदु' सबसे प्रसिद्ध फिल्म थी, जिसमें उन्होंने बलात्कारी द्वारा पीड़िता से शादी करने की सामाजिक सोच पर प्रहार किया। उनकी कई फिल्मों ने समाज में अंधविश्वासों और रीति-रिवाजों पर सवाल उठाए।
अपने करियर में अभिनेता ने कई पुरस्कार भी हासिल किए। उन्हें 2009 में सिनेमा में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ मिलकर ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ जागरूकता अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 'ग्रीन कलाम' योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद की।