15 साल पुरानी तमिल फिल्मों की यादों में खोए मिलिंद सोमन ने कहा- विलेन का रोल नहीं चाहिए

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15 साल पुरानी तमिल फिल्मों की यादों में खोए मिलिंद सोमन ने कहा- विलेन का रोल नहीं चाहिए

सारांश

मिलिंद सोमन ने अपनी पुरानी तमिल फिल्म यात्रा को साझा करते हुए कहा कि उन्हें एक ही तरह के विलेन के रोल से ऊब हो गई थी। उन्होंने अभिनय में विविधता की आवश्यकता पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • विविधता का महत्व: अभिनेता को अपनी भूमिकाओं में विविधता चाहिए।
  • पुराने रोल से ऊब: एक ही तरह के नकारात्मक पात्रों में रुचि नहीं।
  • सकारात्मक किरदारों का महत्व: मिलिंद ने सकारात्मक किरदार में काम किया।
  • व्यक्तिगत जीवन: उनकी पत्नी के साथ संबंध की सुरक्षा।
  • तमिल सिनेमा में कहानी और किरदार का अलग दृष्टिकोण।

मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध अभिनेता और मॉडल मिलिंद सोमन ने राष्ट्र प्रेस के साथ अपनी अभिनय यात्रा की पुरानी यादों को ताज़ा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार एक ही तरह के रोल में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है।

मिलिंद ने साझा किया कि वे करीब 15-17 साल पहले तमिल फिल्मों में लगातार विलेन के समान रोल निभाते-निभाते थक गए थे। उन्होंने कहा, "मुझे मेरा पहला तमिल प्रोजेक्ट लगभग 15-17 साल पहले मिला था। फिल्म का नाम 'पचैकी देवा किचरम' था। इसे गौतम मेनन ने निर्देशित किया था। यह फिल्म शानदार थी और मैंने इसमें विलेन का किरदार निभाया था। इसके बाद मैंने 3-4 और तमिल फिल्में की लेकिन हर बार मुझे उसी तरह का विलेन का रोल ही मिला। एक ही प्रकार का नकारात्मक पात्र निभाते-निभाते मैं ऊब गया।"

उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने खुद से फैसला किया कि वे अब इस वर्ग के विलेन के रोल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "अब कोई फिल्म ऑफर हो, तो उसमें अच्छा किरदार होना चाहिए। चाहे वह रसोइया, माली, सेक्रेटरी, दादाजी या कोई और हो लेकिन मुझे उसी तरह का विलेन का रोल नहीं चाहिए। इसके बाद मैंने करीब 7-8 साल तक तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाओं की कई फिल्मों के ऑफर को ठुकरा दिया।"

उन्होंने आगे कहा, "फिर, 2021 में मैंने तमिल फिल्म डॉक्टर में एक सकारात्मक किरदार निभाया था। जब यह प्रोजेक्ट आया, तो मैं पहले से ही तैयार था कि मुझे ऐसे रोल करने चाहिए। तमिल सिनेमा में कहानियों और किरदारों का दृष्टिकोण बहुत खास और अलग होता है।"

उन्होंने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा, "इस फिल्म की कहानी का ढांचा और प्रवाह बेहद अलग था। मैंने कहा कि यह बहुत अच्छा है और जिस किरदार को वे चाहते थे कि मैं फिर से निभाऊं, वह कुछ रहस्यमय और ग्रे शेड वाला था। हालांकि यह न तो विलेन था और न ही कोई अच्छा इंसान, क्योंकि वह एक बुरी दुनिया में रह रहा था। कहानी में विजय सेतुपति और मेरे किरदार, यानी सेवेतन और मुथु के बीच का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण है।"

इसके बाद मिलिंद ने अपनी पत्नी अंकिता के बारे में बात करते हुए कहा, "वह मेरे साथ बहुत सुरक्षित महसूस करती है क्योंकि हम पिछले 13 साल से साथ हैं और अब हमारी शादी को 8 साल हो चुके हैं। अगर उसे असुरक्षित लगता तो शायद वह शादी नहीं करती। एक बार हम हवाई जहाज में थे और मैं स्क्रिप्ट पढ़ रहा था। पहले सीन को पढ़ते ही मेरे मुँह से 'ओह!' निकला और मैंने उसे पढ़ने के लिए दिया। उसने कहा, 'बढ़िया है, तुम्हें जरूर करना चाहिए।'

Point of View

जो कि भारतीय सिनेमा की समृद्धि के लिए आवश्यक है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

मिलिंद सोमन ने किस फिल्म से अपने तमिल करियर की शुरुआत की?
'पचैकी देवा किचरम' से उन्होंने अपने तमिल करियर की शुरुआत की।
मिलिंद सोमन ने कितने सालों तक एक ही तरह के रोल को टाला?
उन्होंने करीब 7-8 साल तक एक ही तरह के विलेन के रोल को टाला।
मिलिंद सोमन की पत्नी का नाम क्या है?
उनकी पत्नी का नाम अंकिता है।
मिलिंद ने किस फिल्म में सकारात्मक किरदार निभाया?
उन्होंने फिल्म 'डॉक्टर' में सकारात्मक किरदार निभाया।
मिलिंद सोमन का जन्म कब हुआ?
मिलिंद सोमन का जन्म 4 नवंबर 1965 को हुआ।
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