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क्या साउथ फिल्म इंडस्ट्री को लगा झटका? 'माधवन बॉब' फेम अभिनेता कृष्णमूर्ति का निधन

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क्या साउथ फिल्म इंडस्ट्री को लगा झटका? 'माधवन बॉब' फेम अभिनेता कृष्णमूर्ति का निधन

सारांश

तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता एस. कृष्णमूर्ति, जिन्हें 'माधवन बॉब' के नाम से जाना जाता था, का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन ने फिल्म उद्योग में शोक की लहर पैदा कर दी है। आइए जानते हैं उनके जीवन और करियर के बारे में।

मुख्य बातें

कृष्णमूर्ति का निधन तमिल सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है।
उन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में अद्वितीय योगदान दिया।
उनकी कॉमेडी शैली ने दर्शकों का दिल जीता।
कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।
प्रभुदेवा जैसे कलाकारों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

चेन्नई, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तमिल सिनेमा के प्रख्यात अभिनेता और हास्य कलाकार एस. कृष्णमूर्ति का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें 'माधवन बॉब' के नाम से भी जाना जाता था। कैंसर से जूझते हुए अभिनेता ने 2 अगस्त को अपने चेन्नई, अडयार स्थित आवास पर अंतिम सांस ली।

उनके निधन से तमिल फिल्म उद्योग और उनके प्रशंसक गहरे सदमे में हैं।

माधवन बॉब का जन्म 19 अक्टूबर 1953 को हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक संगीतकार के रूप में की और बाद में अभिनय में कदम रखा। अपने अद्वितीय कॉमेडी अंदाज, हाव-भाव और आँखों की अभिव्यक्ति के लिए मशहूर बॉब ने तमिल सिनेमा में सहायक भूमिकाओं में एक अलग पहचान बनाई। उनकी प्रेरणा दिग्गज कॉमेडी अभिनेता काका राधाकृष्णन थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में बालू महेंद्र की फिल्म 'नींगल केट्टवई' से हुई, लेकिन उनकी पहली प्रमुख फिल्म 'वानमे एल्लई' थी।

माधवन बॉब ने 700 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें 'थेनाली' (डायमंड बाबू), 'पम्मल के. संबंदम', 'फ्रेंड्स' (मैनेजर सुंदरेश्वरन) और 'साथी लीलावती' जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने रजनीकांत, कमल हासन, अजित कुमार, सूर्या और विजय जैसे प्रमुख सितारों के साथ काम किया। उनके कॉमेडी का अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आता था, जो गंभीर थीम वाली फिल्मों में भी हास्य का तड़का लगाता था। उन्होंने तमिल के साथ-साथ दो मलयालम और एक हिंदी फिल्म में भी काम किया।

संगीत के क्षेत्र में भी माधवन बॉब का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने विक्कु विनायकरम और हरिहर शर्मा जैसे गुरुओं से पश्चिमी शास्त्रीय और कर्नाटक संगीत की शिक्षा ली थी। वह सन टीवी के लोकप्रिय शो 'असथापोवथु यारु' में जज के रूप में भी नजर आए थे।

उनके निधन पर अभिनेता और डांसर प्रभुदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “उनकी उपस्थिति सेट पर हमेशा खुशी लाती थी। हमने कई बार स्क्रीन साझा की, वह हंसमुख, विनम्र और शानदार इंसान थे। माहौल को खुशनुमा रखते थे। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।”

उनके परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि एस. कृष्णमूर्ति का योगदान तमिल सिनेमा की दुनिया में अतुलनीय है। उनका निधन एक युग के समाप्ति का प्रतीक है। उनकी कला और प्रतिभा को हमेशा याद किया जाएगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माधवन बॉब का असली नाम क्या था?
उनका असली नाम एस. कृष्णमूर्ति था।
किस बीमारी के कारण माधवन बॉब का निधन हुआ?
वे कैंसर से पीड़ित थे।
माधवन बॉब ने कितनी फिल्मों में काम किया?
उन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में काम किया।
माधवन बॉब का जन्म कब हुआ था?
उनका जन्म 19 अक्टूबर 1953 को हुआ था।
क्या माधवन बॉब ने हिंदी फिल्म में भी काम किया?
हाँ, उन्होंने एक हिंदी फिल्म में भी काम किया।
राष्ट्र प्रेस
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