पुनीत राजकुमार: कैसे एक बाल कलाकार बने कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार

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पुनीत राजकुमार: कैसे एक बाल कलाकार बने कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार

सारांश

पुनीत राजकुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की और कन्नड़ सिनेमा में एक मेगास्टार बन गए। उनकी 51वीं जयंती पर, आइए उनके जीवन और उपलब्धियों पर एक नजर डालें।

Key Takeaways

  • पुनीत राजकुमार का करियर 1980 में बाल कलाकार के रूप में शुरू हुआ।
  • उन्होंने कई पुरस्कार जीते, जिनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी शामिल है।
  • पुनीत राजकुमार कन्नड़, तमिल और तेलुगू भाषाओं में काम करने वाले अभिनेता हैं।
  • उनकी मां ने उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उनका निधन हृदयघात के कारण हुआ था।

मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बड़े पर्दे पर गरीबों के लिए मसीहा बनकर उभरे कई अभिनेता हैं, लेकिन दक्षिण भारत के एक विशेष सुपरस्टार ने न केवल अपने जीवन में, बल्कि उनकी मृत्यु के बाद भी चार लोगों को नई दृष्टि दी।

हम बात कर रहे हैं सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की। अभिनेता की 17 मार्च को 51वीं जयंती मनाई जाएगी।

चेन्नई में जन्मे इस अभिनेता को अभिनय की कला विरासत में मिली थी। उनके पिता, जो दक्षिण भारत के प्रसिद्ध अभिनेता थे, और मां, जिन्होंने कई फिल्में बनाई थीं, ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने छोटी उम्र में ही सिनेमा में कदम रखा और अपने प्रतिभा से सबको विस्मित कर दिया। जहाँ कई अभिनेता कई वर्षों की मेहनत के बाद भी पुरस्कार पाने में संघर्ष करते हैं, वहीं पुनीत ने बाल कलाकार के रूप में कई पुरस्कार जीतकर सबको चौंका दिया। उन्होंने 1980 में पर्दे पर बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।

उन्हें सबसे पहले 'वसंत गीता' में देखा गया, इसके बाद 'भाग्यवंता', 'चालीसुवा मोदागालु', 'एराडु नक्षत्रगालु', और 'बेट्टादा हूवु' जैसी फिल्मों ने उनकी प्रतिभा को निखारा। इतना ही नहीं, 'बेट्टादा हूवु' में रामू की भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। इसके अतिरिक्त, 'चालीसुवा मोदागालु' के लिए कर्नाटक राज्य बाल कलाकार पुरस्कार भी उनके नाम रहा।

पुनीत राजकुमार कन्नड़ सिनेमा के मेगास्टार माने जाते हैं, जिन्होंने न केवल कन्नड़, बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी काम किया। उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर 29 फिल्मों में काम किया, जिनमें 'अप्पू', 'वीरा कन्नडिगा', और 'अभि' जैसी सफल फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में उन्होंने सबसे अधिक फीस लेने का रिकॉर्ड भी बनाया।

विशेष बात यह है कि उनकी मां ने उनके करियर को ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए कई फिल्मों की कहानियों का लेखन और निर्माण किया। पुनीत राजकुमार की मां, पार्वतीम्मा, ने 'अप्पू', 'जैकी', 'अन्ना बॉंड', और 'अरसु' जैसी फिल्मों का निर्माण किया, जो राजकुमार के करियर की सफल फिल्में रहीं। हालांकि, 47 वर्ष की आयु में, अभिनेता का निधन हो गया।

फिट रहने के बावजूद, उनका निधन हृदयघात के कारण हुआ। उनके पिता, डॉ. राजकुमार, का निधन भी इसी कारण हुआ था। अभिनेता के पिता ने 1994 में पूरे परिवार के नेत्र दान करने का निर्णय लिया था। पुनीत राजकुमार का निधन होने के बाद, 6 घंटों के भीतर उनकी आंखों के कॉर्निया को चार लोगों में बांट दिया गया।

Point of View

बल्कि एक आदर्श व्यक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

पुनीत राजकुमार का जन्म कब हुआ?
पुनीत राजकुमार का जन्म 17 मार्च 1975 को हुआ था।
पुनीत राजकुमार ने कितनी फिल्मों में काम किया?
पुनीत राजकुमार ने 29 फिल्मों में मुख्य अभिनेता के रूप में काम किया।
उनकी मां ने किन फिल्मों का निर्माण किया?
पुनीत राजकुमार की मां ने 'अप्पू', 'जैकी', 'अन्ना बॉंड', और 'अरसु' जैसी फिल्मों का निर्माण किया।
पुनीत राजकुमार का निधन कब हुआ?
पुनीत राजकुमार का निधन 29 अक्टूबर 2021 को हुआ।
उनके पिता का नाम क्या था?
उनके पिता का नाम डॉ. राजकुमार था।
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