मेघालय CM कॉनराड संगमा ने ECD मिशन को बताया भावी पीढ़ियों में दीर्घकालिक निवेश
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को शिलांग में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और विकास को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मेघालय प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास मिशन (MECDM) को राज्य की आने वाली पीढ़ियों में एक दीर्घकालिक और सुनियोजित निवेश के रूप में परिभाषित किया।
कार्यक्रम और सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री संगमा ने MECDM के अंतर्गत आयोजित 'एडवांस्ड केयर इकोनॉमी थ्रू ईसीडी फेलोशिप' कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय योगदान देने वाले ECD फेलो को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित पेशेवरों का एक सक्षम नेटवर्क विकसित कर राज्य की देखभाल अर्थव्यवस्था को मज़बूत आधार देना है।
अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की भूमिका
संगमा ने ECD फेलो और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिशन की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनका कार्य केवल बाल्यावस्था देखभाल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवारों और सामुदायिक स्तर पर सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करने तक विस्तृत है। उन्होंने इन कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि ये लोग राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं को बच्चों और परिवारों के लिए सार्थक हस्तक्षेप में परिवर्तित कर रहे हैं।
प्रारंभिक वर्षों के महत्व पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष शारीरिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास की दृष्टि से सर्वाधिक निर्णायक होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव रखने के लिए बाल देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा में निरंतर एवं लक्षित निवेश अनिवार्य है। गौरतलब है कि यह जोर ऐसे समय में आया है जब मेघालय अपने सामाजिक विकास ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रारंभिक बाल देखभाल को केंद्र में रख रहा है।
MECDM का व्यापक उद्देश्य
राज्य सरकार MECDM के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश के हर बच्चे को उचित पोषण, सुरक्षा, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के अवसर सुलभ हों। इसके लिए संस्थागत ढाँचे के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जा रही है। ECD फेलोशिप कार्यक्रम इसी व्यापक दृष्टिकोण का एक अहम हिस्सा है जो दीर्घकालिक मानव पूँजी विकास की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
इस पहल के तहत अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और सामुदायिक भागीदारी को हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सहायक जीवन की शुरुआत दिलाने के प्रयासों के केंद्र में रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की संरचनाबद्ध फेलोशिप प्रणाली राज्य में दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक लाभांश का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।