आगा रूहुल्लाह के NC छोड़ने पर BJP का तंज: अल्ताफ ठाकुर बोले, 'डूब चुका नेशनल कॉन्फ्रेंस का जहाज'
सारांश
मुख्य बातें
आगा रूहुल्लाह मेहदी के नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) से इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 3 नवंबर 2026 को इस घटनाक्रम को नेशनल कॉन्फ्रेंस के 'डूबते जहाज' का प्रतीक बताया, जबकि शोपियां के निर्दलीय विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने इसे वैचारिक मतभेद का स्वाभाविक परिणाम करार दिया।
BJP का कड़ा हमला
अल्ताफ ठाकुर ने कहा, 'आगा रूहुल्लाह का इस्तीफा नेशनल कॉन्फ्रेंस के डूबते जहाज का संकेत है — वह जहाज अब डूब चुका है।' उन्होंने आरोप लगाया कि आगा रूहुल्लाह लंबे समय से पार्टी की नीतियों, 'झूठ, फरेब और तानाशाही रवैये' से नाराज चले आ रहे थे।
ठाकुर ने बडगाम उपचुनाव का हवाला देते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस उसमें 'बेहद पिछड़ गई', जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने आगा रूहुल्लाह के चेहरे की बदौलत बड़ा जनादेश हासिल किया था। उनके अनुसार, इतने 'कद्दावर और धार्मिक नेता' का पार्टी से अलग होना NC को और कमज़ोर करेगा।
BJP की भविष्यवाणी: 'NC दो फाड़ होगी'
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि नाराजगी केवल आगा रूहुल्लाह तक सीमित नहीं है — 'विधायक अलग नाराज हैं, कार्यकर्ता और आम लोग अलग नाराज हैं।' उनका कहना था कि सुनवाई न होने और पार्टी में 'तानाशाही' के चलते 'आने वाले दिनों में नेशनल कॉन्फ्रेंस दो फाड़ हो जाएगी — न सरकार बचेगी, न संगठन।'
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन के बाद से ही विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ NC पर दबाव बनाए रखा है। गौरतलब है कि आगा रूहुल्लाह का इस्तीफा राज्य की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
निर्दलीय विधायक की संतुलित राय
शोपियां के निर्दलीय विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने स्थिति को राजनीतिक यथार्थ के नज़रिए से देखा। उन्होंने कहा कि 'राजनीति में न स्थायी दोस्त होता है, न स्थायी दुश्मन।' उनके मुताबिक, जब विचारों में मतभेद होता है तो व्यक्ति यह देखता है कि अपनी सोच को कैसे आगे बढ़ाए, न कि यह कि वह किस पार्टी में था।
कुल्ले ने यह भी कहा कि शायद आगा रूहुल्लाह को लगा होगा कि 'पार्टी की सीमाओं में रहते हुए वह खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे थे।' अब वह उन बंधनों से मुक्त होकर आगे बढ़ेंगे, और उनका 'आगे का रोल क्या होगा, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।'
लोकतंत्र और असहमति पर विधायक की टिप्पणी
शब्बीर अहमद कुल्ले ने विरोध और पार्टी-अनुशासन के बीच के फर्क को रेखांकित करते हुए कहा कि 'अगर कोई पार्टी के भीतर रहकर हक की बात करता है तो यह लोकतंत्र का हिस्सा है।' उन्होंने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), BJP और अन्य विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे इस घटनाक्रम को 'तमाशे की तरह पेश कर रहे हैं।'
उनके अनुसार, अगर NC के 25 विधायक किसी मुद्दे पर नाराजगी जताते हैं और उसे सुधारने की माँग करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वे पार्टी से अलग हो जाएँगे।
आगे क्या होगा
आगा रूहुल्लाह मेहदी के अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नज़र टिकी है। BJP ने इस इस्तीफे को NC के भीतर व्यापक असंतोष का संकेत बताकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।