उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य-पर्यटन का बड़ा दांव: सीएम अधिकारी ने सिलीगुड़ी से की कई अहम घोषणाएँ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 3 नवंबर 2026 को सिलीगुड़ी में आयोजित एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और आध्यात्मिक अवसंरचना से जुड़ी कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। दार्जिलिंग जिले में आयोजित इस बैठक में लिए गए निर्णय उत्तर बंगाल की लाखों जनसंख्या को सीधे प्रभावित करेंगे।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि कलिम्पोंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला 9 दिसंबर 2027 को रखी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने दार्जिलिंग, कर्सियांग, कलिम्पोंग, मिरिक और सिलीगुड़ी के उपमंडलीय और जिला अस्पतालों में व्यापक मरम्मत, आधुनिकीकरण तथा बुनियादी ढाँचे के सुधार का संकल्प लिया।
उन्होंने दार्जिलिंग और कर्सियांग को जोड़ने वाली 21 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को भी मंजूरी देने की बात कही। यह परियोजना पहाड़ी मार्गों पर यातायात की जाम की समस्या कम करने के साथ-साथ घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य ढाँचे को मज़बूत करने से हज़ारों लोगों को उचित चिकित्सा सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। उनके अनुसार, इससे मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज़ के शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा — एक समस्या जो उत्तर बंगाल के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में वर्षों से बनी हुई है।
पर्यटन और खेल अवसंरचना
पर्यटन क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सभी सरकारी पर्यटक लॉज की त्वरित मरम्मत और नवीनीकरण के निर्देश दिए। लेबोंग ग्राउंड को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले आधुनिक स्टेडियम में रूपांतरित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दार्जिलिंग स्थित ऐतिहासिक महाकाल मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और नियमित रखरखाव के लिए ₹19 करोड़ आवंटित करने की भी घोषणा की गई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
दार्जिलिंग से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोकसभा सांसद राजू बिस्टा ने इन घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संचार प्रणालियों, स्वास्थ्य सेवाओं, खेल और आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे और उत्तर बंगाल की समग्र आर्थिक तस्वीर बदलेगी।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर बंगाल का पहाड़ी क्षेत्र वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पर्यटन अवसंरचना की उपेक्षा की शिकायत करता रहा है। घोषणाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और बजट आवंटन के विस्तृत ब्यौरे अभी आने बाकी हैं, जो इन परियोजनाओं की व्यावहारिक प्रगति की असली कसौटी होगी।