3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र सीईटी में ₹2,300 करोड़ के घोटाले का आरोप, रोहित पवार ने न्यायिक जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र सीईटी में ₹2,300 करोड़ के घोटाले का आरोप, रोहित पवार ने न्यायिक जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग की

सारांश

रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीईटी में ₹2,300 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए स्टिंग ऑपरेशन का हवाला दिया, जिसमें प्रति छात्र ₹25 लाख में परिणाम की गारंटी देने का दावा है। सरकार के पास 10 दिन का अल्टीमेटम, एफआईआर अब तक दर्ज नहीं।

मुख्य बातें

रोहित पवार ने 3 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र सीईटी में कथित ₹2,300 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया।
निजी कंपनी एडुस्पार्क पर आरोप — कथित तौर पर हेरफेर वाली निविदा प्रक्रिया से सरकारी ठेके हासिल किए।
स्टिंग ऑपरेशन में दावा — एजेंसी कथित रूप से प्रति छात्र ₹25 लाख में शीर्ष परिणाम की गारंटी दे रही थी।
पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस को दस्तावेज़ी सबूत सौंपे जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं।
मंत्री चंद्रकांत पाटिल और सीईटी आयुक्त दिलीप सरदेसाई के इस्तीफे की माँग।
10 दिनों में सरकारी कार्रवाई न हुई तो राज्यव्यापी राजनीतिक आंदोलन की चेतावनी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) और केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया में कथित तौर पर ₹2,300 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और महाराष्ट्र सीईटी आयुक्त दिलीप सरदेसाई के तत्काल इस्तीफे की माँग की।

आरोपों का केंद्र: एडुस्पार्क और ठेके में हेरफेर

रोहित पवार के अनुसार, एडुस्पार्क नामक एक निजी कंपनी और उससे जुड़ी सहयोगी कंपनियों ने कथित तौर पर धांधली और हेरफेर से भरी निविदा प्रक्रियाओं के ज़रिये सरकारी ठेके हासिल किए। उनके अनुसार, ये ठेके सीईटी परीक्षा प्रबंधन, कौशल विकास परियोजनाओं, शैक्षिक सॉफ्टवेयर और कई राज्य विभागों में बुनियादी ढाँचा सेवाओं से संबंधित थे।

पवार ने ज़ोर देकर कहा कि सीईटी सेल एक सरकारी विभाग है, न कि एमपीएससी जैसा स्वायत्त निकाय — इसलिए इसकी सीधी जवाबदेही राज्य सरकार पर बनती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई व्यक्ति इस घोटाले में शामिल है, तो वह मंत्री चंद्रकांत पाटिल या उनसे जुड़ा कोई व्यक्ति हो सकता है। उन्होंने वादा किया कि जल्द ही सोशल मीडिया पर उस कथित अज्ञात सहयोगी की पहचान सार्वजनिक की जाएगी।

स्टिंग ऑपरेशन का दावा और एफआईआर का इंतज़ार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एक शिक्षक ने दावा किया कि उन्होंने एक स्टिंग ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक ऐसी एजेंसी का पर्दाफाश हुआ जो कथित तौर पर प्रति छात्र ₹25 लाख लेकर सीईटी परीक्षा में शीर्ष परिणाम की गारंटी देती थी। पवार ने कहा कि मुखबिरों द्वारा पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस आयुक्त कार्यालय को दस्तावेज़ी सबूत सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज नहीं की गई है।

पवार ने पुलिस और राज्य अधिकारियों की प्रस्तुत साक्ष्यों को नज़रअंदाज़ करने के लिए कड़ी आलोचना की और स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने वाले शिक्षकों के लिए राज्य सुरक्षा की माँग की। उन्होंने सीईटी अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रगति और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

प्रमुख मांगें

पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माँग की कि एडुस्पार्क और उसकी सहयोगी कंपनियों को दिए गए सभी ठेकों की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और व्यापक फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया जाए। साथ ही उन्होंने माँग की कि आगामी मार्च में होने वाली सीईटी परीक्षाएँ ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएँ, ताकि सॉफ्टवेयर में हेराफेरी और डिजिटल कदाचार को रोका जा सके।

पवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार 10 दिनों के भीतर निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो विपक्ष इस मुद्दे को पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक रूप से उठाएगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के कार्यालय के सूत्रों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को सभी साक्ष्य सक्षम जांच एजेंसियों को औपचारिक रूप से सौंप देने चाहिए। सूत्रों ने आश्वासन दिया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालाँकि, न तो मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कोई बयान दिया, और न ही इस्तीफे की किसी माँग पर प्रत्यक्ष टिप्पणी की गई।

क्या होगा आगे

यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब महाराष्ट्र में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पहले से ही सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर कई परीक्षाओं में कदाचार के मामले उठने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भरोसे की कमी बढ़ी है। यदि 10 दिनों में सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विपक्ष के अगले राजनीतिक अभियान की रूपरेखा स्पष्ट दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल मंत्रालय में। एडुस्पार्क जैसी एजेंसियों का परीक्षा प्रणाली में प्रवेश और सरकारी सॉफ्टवेयर ठेकों पर एकाधिकार — बिना पारदर्शी ऑडिट के — छात्रों के भरोसे को सीधे चोट पहुँचाता है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाज़ी पर रुक जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि एसआईटी गठित होने के बाद भी अब तक कोई ठोस परिणाम क्यों नहीं आया।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सीईटी में ₹2,300 करोड़ के घोटाले का आरोप क्या है?
रोहित पवार के अनुसार, निजी कंपनी एडुस्पार्क और उसकी सहयोगी कंपनियों ने कथित तौर पर हेरफेर वाली निविदा प्रक्रियाओं के ज़रिये सीईटी परीक्षा प्रबंधन, शैक्षिक सॉफ्टवेयर और कौशल विकास से जुड़े ₹2,300 करोड़ के सरकारी ठेके हासिल किए। इस मामले में न्यायिक जांच और फोरेंसिक ऑडिट की माँग की गई है।
रोहित पवार ने किसके इस्तीफे की माँग की है?
रोहित पवार ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और महाराष्ट्र सीईटी आयुक्त दिलीप सरदेसाई के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में मंत्री या उनसे जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता हो सकती है।
सीईटी स्टिंग ऑपरेशन में क्या सामने आया?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एक शिक्षक ने दावा किया कि स्टिंग ऑपरेशन में एक ऐसी एजेंसी का पर्दाफाश हुआ जो कथित तौर पर प्रति छात्र ₹25 लाख लेकर सीईटी में शीर्ष परिणाम की गारंटी देती थी। पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस को दस्तावेज़ी सबूत सौंपे जाने के बाद भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस से क्या माँगें की गई हैं?
रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एडुस्पार्क को दिए गए सभी ठेकों की तत्काल न्यायिक जांच और फोरेंसिक ऑडिट का आदेश देने की माँग की है। साथ ही माँग है कि आगामी मार्च की सीईटी परीक्षाएँ ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएँ। 10 दिनों में कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
मंत्री चंद्रकांत पाटिल के कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि शिकायतकर्ता को सभी साक्ष्य सक्षम जांच एजेंसियों को औपचारिक रूप से सौंप देने चाहिए और आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच होगी। मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कोई बयान नहीं दिया और इस्तीफे की माँग पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले