महाराष्ट्र में 2,000 सरकारी स्कूल बंद: संजय राउत का फडणवीस सरकार पर शिक्षा घोटाले का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 29 जुलाई को पत्रकारों से बातचीत में महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में 2,000 सरकारी स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले और राज्य के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर सीधा निशाना साधा।
स्कूल बंद होने पर राउत की चेतावनी
राउत ने 'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'महाराष्ट्र में 2,000 सरकारी स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि जहाँ-जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, वहाँ शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दे की घोर अनदेखी हो रही है। राउत के अनुसार, महाराष्ट्र को कभी शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य माना जाता था, लेकिन आज वह स्थिति नहीं रही।
पुणे फर्जी डिग्री स्कैम और परीक्षा पेपर लीक
राउत ने आरोप लगाया कि पुणे विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में एक फर्जी डिग्री घोटाला सामने आया है। इसके अलावा मार्कशीट घोटाले और TET तथा MPSC परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएँ भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस की नाक के नीचे शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये का घोटाला हो रहा है, और ऐसे में सरकार का 'एंटी-पेपर लीक' बिल लाना महज एक दिखावा है।
नीट पेपर लीक पर BJP पर सीधा आरोप
राउत ने दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले के आधे से अधिक आरोपी पुणे और लातुर से हैं। उन्होंने आरोप लगाया — जिसे BJP ने स्वीकार नहीं किया है — कि 'पेपर सेट करने वाले BJP के लोग हैं।' राउत के अनुसार, एक विशेष विचारधारा के लोगों को परीक्षा पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाती है और पैसा कमाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को काम में लगाया जाता है। ये आरोप राउत के व्यक्तिगत बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फडणवीस को शिक्षा मंत्री बनाने की माँग
राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री हो सकते हैं और उन्हें इस पद पर लाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फडणवीस से केंद्र में आने को कहा है। राउत का कहना था कि पढ़े-लिखे और योग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। यह टिप्पणी महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार संसद में 'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर चर्चा कर रही है। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की महाविकास अघाड़ी लगातार राज्य सरकार को शिक्षा व्यवस्था में खामियों पर घेर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और संसद दोनों में गूँजने की संभावना है।