नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ेंगे श्रीनगर सांसद आगा रूहुल्लाह? 3 नवंबर को बडगाम में बड़ी घोषणा का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर के लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने 30 अक्टूबर 2026 को 3 नवंबर के लिए एक सार्वजनिक निमंत्रण जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर उनके नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और लोकसभा से इस्तीफे की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। बडगाम के बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के पोस्टर में इसे 'इस्तीफे की घोषणा' और 'बेजुबानों की आवाज' के रूप में प्रचारित किया गया है। हालाँकि, इस्तीफे की घोषणा के सटीक कारणों का पोस्टर में कोई उल्लेख नहीं है।
क्या है पोस्टर में
श्रीनगर और बडगाम के कई इलाकों में लगाए गए पोस्टरों में आगा रूहुल्लाह मेहदी के नाम से आम जनता को 3 नवंबर के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम बडगाम स्थित बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में होगा, जो डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के निकट है। पोस्टर में इस आयोजन को एक बड़ी राजनीतिक घोषणा बताया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है।
NC से नाराज़गी का पृष्ठभूमि
2024 के आम चुनावों में श्रीनगर लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद से ही रूहुल्लाह मेहदी अपनी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस से नाराज़ बताए जाते रहे हैं। उनका आरोप है कि पार्टी ने चुनावी घोषणापत्र में मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया। गौरतलब है कि उन्होंने पिछले वर्ष हुए बडगाम विधानसभा उपचुनाव में NC उम्मीदवार आगा सैयद महमूद के प्रचार से दूरी बनाए रखी थी।
यह उपचुनाव तब ज़रूरी हुआ जब NC उपाध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बडगाम और गांदरबल, दोनों सीटों से जीत के बाद गांदरबल सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया था। उस उपचुनाव में NC उम्मीदवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के प्रत्याशी आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था — जिसे NC के भीतर रूहुल्लाह की निष्क्रियता से जोड़कर देखा गया।
कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें
3 नवंबर के बाद रूहुल्लाह मेहदी के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में शामिल होने की चर्चाएँ राजनीतिक गलियारों में ज़ोर पकड़ रही हैं। हालाँकि, अब तक न तो कांग्रेस और न ही स्वयं रूहुल्लाह मेहदी ने इन अटकलों की पुष्टि की है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर की राजनीति में पुनर्गठन की आहट सुनाई दे रही है।
राजनीतिक महत्व
श्रीनगर जैसी हाई-प्रोफाइल लोकसभा सीट के सांसद का पार्टी से संभावित अलगाव नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली NC सरकार के लिए यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में चुनौती बन सकता है जब जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर बहस जारी है। 3 नवंबर का कार्यक्रम यह तय करेगा कि रूहुल्लाह का अगला राजनीतिक पड़ाव कहाँ होगा।