ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी का आश्वासन, सांसद आगा रूहुल्लाह का बयान

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ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी का आश्वासन, सांसद आगा रूहुल्लाह का बयान

सारांश

ईरान में अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी पर सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने आश्वासन दिया। बहरीन में भारतीय दूतावास ने ट्रांसपोर्ट व्यवस्थाओं से अपने संबंधों का खंडन किया। जानें पूरी जानकारी यहाँ।

Key Takeaways

  • ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सांसद ने आश्वासन दिया।
  • बहरीन दूतावास ने निजी परिवहन से दूरी बनाई।
  • निकासी के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया आवश्यक है।
  • निकासी का खर्च माता-पिता को उठाना होगा।
  • कतर से भारतीय यात्रियों की वापसी सफल रही।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के मामले में श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने वतन वापसी का आश्वासन दिया है। वहीं, बहरीन में भारतीय दूतावास ने यह स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के लिए निजी परिवहन व्यवस्थाओं से उसका कोई संबंध नहीं है।

सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "हम उन माता-पिता की चिंता को समझते हैं जिनके बच्चे ईरान में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हम उनकी सुरक्षा और निकासी के लिए तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय में कार्यरत हैं।"

उन्होंने बताया कि सभी छात्र सुरक्षित हैं। उरमिया यूनिवर्सिटी के छात्र, जिन्होंने आर्मेनिया के माध्यम से निकासी के लिए पंजीकरण किया है, उन्हें जल्द ही वहां से भेजा जाएगा।

यह निकासी विकल्प ईरान के सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए उपलब्ध है, जिनमें केरमैन, शीराज और अन्य शामिल हैं। निकासी के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय से कम से कम 30 छात्रों की आवश्यकता होती है। निकासी का खर्च छात्रों के माता-पिता को उठाना होगा।

छात्र दिए गए नंबरों 9596540111, 9103790071, 8899663717, 7780906871 पर संपर्क कर सकते हैं।

सांसद आगा ने कहा कि दुर्भाग्यवश, भारत सरकार ने अब तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। वर्तमान समन्वय और निकासी सुविधा आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के कार्यालय द्वारा तेहरान में भारतीय दूतावास के सहयोग से की जा रही है।

बहरीन में भारतीय दूतावास ने सभी संबंधित व्यक्तियों को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बहरीन में भारतीय दूतावास, प्राइवेट पार्टियों द्वारा बहरीन से पड़ोसी देशों तक ट्रांसपोर्ट संबंधी व्यवस्थाओं से जुड़ा नहीं है।

वहीं दूसरी ओर, भारतीय नागरिकों की वतन वापसी के प्रयास सरकार द्वारा जारी हैं। 10 मार्च को कतर में फंसे लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों की वतन वापसी कराई गई। इसके लिए भारतीय दूतावास ने कतर एयरवेज का आभार व्यक्त किया।

भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि 10 मार्च को लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों ने कतर एयरवेज की उड़ानों के माध्यम से नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि की यात्रा की।

इसके साथ ही 11 मार्च को नई दिल्ली के लिए कतर एयरवेज की एक उड़ान निर्धारित की गई है।

Point of View

भारतीय सरकार की ओर से अभी तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान में कितने भारतीय छात्र फंसे हुए हैं?
ईरान में कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, जिनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
छात्रों की निकासी कैसे होगी?
छात्रों की निकासी हेतु हर विश्वविद्यालय से कम से कम 30 छात्रों का पंजीकरण आवश्यक है।
क्या निकासी का खर्च सरकार उठाएगी?
निकासी का खर्च छात्रों के माता-पिता को उठाना होगा।
बहरीन दूतावास का क्या कहना है?
बहरीन में भारतीय दूतावास ने निजी परिवहन व्यवस्थाओं से अपने संबंधों का खंडन किया है।
कतर में कितने भारतीय यात्रियों की वापसी हुई?
10 मार्च को लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों की कतर से वापसी कराई गई।
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