तृणमूल कांग्रेस ने पोस्टल बैलेट अनियमितता पर चुनाव आयोग से की शिकायत, खुदीराम केंद्र के RO पर गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 2 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक शिकायत सौंपी, जिसमें खुदीराम अनुशीलन केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) पर 30 अप्रैल 2026 को पोस्टल बैलेट कवर की अनाधिकृत छंटनी करने का आरोप लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है और इससे चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
मुख्य आरोप क्या हैं
TMC की ओर से यह शिकायत राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र, जो एक स्ट्रॉन्ग रूम के रूप में इस्तेमाल हो रहा है, वहाँ 30 अप्रैल 2026 को उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को न तो बुलाया गया और न ही कोई पूर्व सूचना दी गई। पार्टी के अनुसार, इस दौरान पोस्टल बैलेट कवर की छंटाई की गई, जो नियमों के विरुद्ध है।
कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन
शिकायत में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग के हैंडबुक 2023 के प्रावधानों के खिलाफ है। नियमों के अनुसार, पोस्टल बैलेट से जुड़े किसी भी कार्य में उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। इसके अतिरिक्त, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स 1961 के कुछ प्रावधानों का भी उल्लंघन बताया गया है।
सीसीटीवी फुटेज का दावा
TMC ने यह भी आरोप लगाया है कि पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिसे शिकायत के साथ संलग्न किया गया है। पार्टी का कहना है कि यह महज एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि चुनावी निष्पक्षता पर सीधा प्रहार है। गौरतलब है कि ऐसी घटनाएँ केवल इसी केंद्र तक सीमित नहीं बताई जा रही हैं — पार्टी का दावा है कि राज्य के अन्य काउंटिंग सेंटर और स्ट्रॉन्ग रूम में भी इसी तरह की अनियमितताओं की रिपोर्ट मिल रही है।
TMC की माँगें
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कई माँगें रखी हैं। पार्टी ने तत्काल जाँच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। साथ ही, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को सीसीटीवी फुटेज देखने की अनुमति देने और जहाँ पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ की आशंका है, वहाँ दोबारा जाँच कराने का आग्रह भी किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि आयोग शिकायत को संज्ञान में लेता है, तो संबंधित RO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और प्रभावित क्षेत्रों में पोस्टल बैलेट की दोबारा जाँच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगामी मतगणना प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है।