बरगी डैम क्रूज हादसा: 9 की मौत, तीन बच्चों समेत 4 लापता; सर्च एरिया 5 किमी डाउनस्ट्रीम तक बढ़ा
सारांश
Key Takeaways
जबलपुर के बरगी डैम पर गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता हैं। शनिवार, 3 मई को रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज करते हुए सर्च एरिया को लगभग 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक विस्तारित कर दिया गया है। हादसे के वक्त क्रूज में कुल 41 लोग सवार थे।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी जलाशय पर यह दुखद हादसा गुरुवार शाम को हुआ। हादसे के तुरंत बाद 28 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया। ये सभी अब सुरक्षित हैं और प्रशासन उनसे पूछताछ कर घटना के आखिरी पलों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। शेष 4 लापता लोगों में तीन मासूम बच्चे और एक वयस्क शामिल हैं।
सर्च ऑपरेशन की चुनौतियाँ
हादसे के बाद से ही सेना के गोताखोर, आपदा राहत दल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। नदी के तेज बहाव और जलाशय की अधिक गहराई के कारण सर्च ऑपरेशन को काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इसके बावजूद टीमों ने सर्च एरिया को बढ़ाकर लगभग 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक फैला दिया है, ताकि कोई भी सुराग छूट न जाए।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति
जबलपुर के सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (बरगी जोन) अंजुल अयंक मिश्रा ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि फिलहाल इस मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी शव बरामद नहीं हो जाते, तब तक आगे की विस्तृत जाँच शुरू नहीं की जाएगी। एफआईआर सभी शव मिलने के बाद ही दर्ज होगी।
जाँच में क्या देखा जाएगा
अधिकारियों के अनुसार, जाँच में यह परखा जाएगा कि क्रूज में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जाँचा जाएगा कि क्षमता से अधिक लोग तो सवार नहीं थे और लाइफ जैकेट जैसी ज़रूरी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पर्यटन स्थलों पर जलक्रीड़ा गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
परिजनों की पीड़ा और आगे की राह
लापता लोगों के परिजन नदी किनारे बैठे अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इलाके में गहरे शोक का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि सभी उपलब्ध संसाधन लगाकर लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने की कोशिश जारी रहेगी।