जबलपुर गणेश पंडाल में करंट से 16 वर्षीय शौर्य की मौत, आयोजकों पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुधवार रात एक गणेश पंडाल में बिजली के खंभे से करंट लगने से 16 वर्षीय शौर्य चनपुरिया की मौत हो गई। यह दुखद घटना जसुजा सिटी फेज-3, धनवंतरी नगर पुलिस चौकी क्षेत्र में उस वक्त हुई जब शौर्य महा-आरती में शामिल होने के बाद अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। पुलिस ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी।
मुख्य घटनाक्रम
11वीं कक्षा का छात्र शौर्य पंडाल को सहारा देने वाले एक लोहे के खंभे के संपर्क में आया जिसमें बिजली का करंट दौड़ रहा था। करंट लगते ही वह गिर पड़ा। उसे तत्काल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धनवंतरी नगर पुलिस चौकी के प्रभारी दुर्गेश मरावी ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे सूचना मिली कि बिजली का झटका लगने के बाद एक युवक को अस्पताल लाया गया है। शौर्य के शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया और 24 सितंबर को पोस्टमार्टम किया जाना था।
लापरवाही का गंभीर मामला
पुलिस की शुरुआती जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि आयोजन समिति के सदस्यों को पहले से पता था कि उस खंभे में करंट है। समिति के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने टेंट लगाने वाले व्यक्ति को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद ज़रूरी सावधानी नहीं बरती गई।
प्रभारी मरावी ने कहा, 'लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार था और यह किस स्तर पर हुई, इसकी जाँच की जा रही है। जाँच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।' पुलिस के अनुसार, शौर्य को बचाने की कोशिश में उसके कुछ साथियों को भी करंट का झटका लगा।
परिवार की माँग
शौर्य के परिजनों ने आरोप लगाया कि खुले स्थान पर बिजली के करंट वाले खंभे को बिना किसी सुरक्षा उपाय के छोड़ना गंभीर लापरवाही है। परिवार ने जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
पिछली घटनाओं से तुलना
यह घटना जबलपुर में पर्व-पंडालों में बिजली सुरक्षा की दूसरी बड़ी विफलता है। गौरतलब है कि पिछले साल तिलवारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बरगी हिल्स के पास एक दुर्गा पूजा पंडाल में बिजली के करंट वाले लोहे के पाइप के संपर्क में आने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। तब लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने उस घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए थे। बावजूद इसके, त्योहारी पंडालों में विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पाया।
क्या होगा आगे
पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है — आयोजन समिति, टेंट ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। शौर्य की मौत के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या त्योहारी आयोजनों के लिए विद्युत सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा।