26 सितंबर 2026
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मंडला में गणेश पंडाल हादसा: बिजली करंट से 4 युवकों की मौत, 3 घायल

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मंडला में गणेश पंडाल हादसा: बिजली करंट से 4 युवकों की मौत, 3 घायल

सारांश

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गणेश विसर्जन के बाद पंडाल में सामान की रखवाली कर रहे 7 युवकों को बिजली का करंट लगा। 4 की मौत, 3 घायल। रात में आए तूफान के बाद लोहे के ग्रिल पर तार गिरने की आशंका, तकनीकी जाँच जारी।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के मंडला जिले के हीरापुर गाँव में 26 सितंबर 2026 को गणेश पंडाल में बिजली करंट से 4 युवकों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान जैनू भंवरे (19) , रवि झारिया (24) , कृष्ण कुमार भंवरे (18) और वीरेंद्र भंवरे (24) के रूप में हुई।
घायलों में प्रियांशु की हालत गंभीर, उन्हें ज़िला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद सुबह करीब 4 बजे हुई जब युवक पंडाल में सो रहे थे।
बिजली कंपनी की टीम जाँच कर रही है कि हादसा तार टूटने से हुआ या शॉर्ट सर्किट से।

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में नैनपुर थाना क्षेत्र के हीरापुर गाँव में एक गणेश पंडाल में बिजली का करंट फैलने से चार युवकों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना 26 सितंबर 2026 की सुबह उस समय हुई जब गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद युवक पंडाल में सामान की रखवाली के लिए रुके हुए थे।

मृतकों की पहचान

मारे गए चारों युवकों की पहचान जैनू भंवरे (19 वर्ष), रवि झारिया (24 वर्ष), कृष्ण कुमार भंवरे (18 वर्ष) और वीरेंद्र भंवरे (24 वर्ष) के रूप में हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार इन सभी की उम्र 17 से 24 वर्ष के बीच थी और ये सभी अविवाहित थे। घायलों में प्रियांशु की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें आगे के इलाज के लिए ज़िला अस्पताल भेजा गया।

मुख्य घटनाक्रम

नैनपुर के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी मनीष राज ने बताया कि गणेश उत्सव समिति के सदस्य मूर्ति विसर्जन के बाद शनिवार की सुबह करीब 4 बजे गाँव लौटे। इसके बाद 7 युवक झाँकी में इस्तेमाल होने वाले सामान की रखवाली के लिए पंडाल के अंदर ही रुक गए।

मनीष राज ने बताया, 'पंडाल के संपर्क में एक बिजली का तार आ गया, जिससे अंदर सो रहे युवकों को बिजली का झटका लगा। उनमें से चार की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।'

हादसे की वजह की जाँच जारी

पुलिस अधिकारी मनीष राज के अनुसार पंडाल एक पक्का ढाँचा था और घटना की असल वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। बिजली कंपनी की एक टीम इस बात की जाँच कर रही थी कि हादसा बिजली की लाइन टूटने और ढाँचे पर गिरने से हुआ या शॉर्ट सर्किट की वजह से।

उन्होंने कहा, 'बिजली विभाग की टीम मौके की जाँच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि करंट तार टूटने से फैला या शॉर्ट सर्किट से। तकनीकी जाँच के बाद ही असल वजह साफ हो पाएगी।'

सरपंच प्रेमचंद भावरे ने बताया कि रात में अचानक तूफान आया और पंडाल के सामने लगे लोहे के ग्रिल में तार छूने से यह हादसा हुआ।

आम जनता और स्थानीय समुदाय पर असर

एक स्थानीय महिला ने बताया, 'हीरापुर ग्राम पंचायत के युवाओं ने हर साल की तरह गणेश पंडाल लगाया था और वे बहुत उत्साह के साथ जश्न मना रहे थे। इनकी उम्र 17 से 24 साल के बीच थी और सभी अविवाहित थे। हमें जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि उनका उत्साह इस तरह मातम में बदल जाएगा।'

गाँव में शोक का माहौल है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जबकि घायलों का उपचार जारी है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की जाँच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू की। यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा उत्सव के समापन के ठीक बाद हुआ, जो आयोजन स्थलों पर बिजली सुरक्षा के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस के अनुसार आगे की जाँच जारी है और अंतिम रिपोर्ट तकनीकी परीक्षण के बाद जारी की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दुर्गा पूजा और रामलीला जैसे बड़े आयोजनों में बिजली कनेक्शन अक्सर बिना किसी प्रमाणित विद्युत निरीक्षण के जोड़े जाते हैं। सरपंच के बयान से स्पष्ट है कि रात के तूफान में तार ढाँचे पर गिरा — यानी खतरा बाहरी था, लेकिन अंदर सो रहे युवकों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। जब तक राज्य सरकारें सार्वजनिक पंडालों के लिए अनिवार्य विद्युत सुरक्षा ऑडिट और आपातकालीन ट्रिप सिस्टम लागू नहीं करतीं, ऐसे हादसे हर उत्सव सीजन में दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंडला गणेश पंडाल हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
मंडला जिले के हीरापुर गाँव में गणेश पंडाल में बिजली करंट फैलने से 4 युवकों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। यह घटना 26 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे हुई।
हीरापुर गाँव में बिजली करंट कैसे फैला?
पुलिस के अनुसार पंडाल के संपर्क में एक बिजली का तार आ गया, जिससे अंदर सो रहे युवकों को झटका लगा। सरपंच ने बताया कि रात में आए तूफान के बाद पंडाल के सामने लगे लोहे के ग्रिल पर तार छू गया। बिजली कंपनी की टीम जाँच कर रही है कि यह तार टूटने से हुआ या शॉर्ट सर्किट से।
गणेश पंडाल करंट हादसे में मारे गए युवकों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान जैनू भंवरे (19 वर्ष), रवि झारिया (24 वर्ष), कृष्ण कुमार भंवरे (18 वर्ष) और वीरेंद्र भंवरे (24 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी अविवाहित थे और उनकी उम्र 17 से 24 वर्ष के बीच थी।
हादसे के समय युवक पंडाल में क्यों थे?
गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद उत्सव समिति के सदस्य गाँव लौट आए, लेकिन 7 युवक झाँकी के सामान की रखवाली के लिए पंडाल के अंदर ही रुक गए और वहीं सो गए। तूफान के दौरान रात में करंट फैलने से यह हादसा हुआ।
क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घायलों का इलाज जारी है। बिजली कंपनी की टीम तकनीकी जाँच कर रही है और पुलिस की आगे की जाँच भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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