केरलम में चौथी एसआईटी गठित: सतीशन सरकार किन विवादित मामलों की खोदबीन कर रही है?
सारांश
मुख्य बातें
केरलम की मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने 1 सितंबर 2026 तक पूर्ववर्ती वाम सरकार के कार्यकाल से जुड़े विवादित मामलों की पुनर्जांच के लिए चार उच्च-स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिए हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज से संबंधित कन्नूर रेलवे स्टेशन प्रकरण की जांच के लिए नवीनतम एसआईटी के गठन के साथ ही यह संख्या चार तक पहुँच गई है। यह सिलसिला मई 2026 में सरकार बनने के तुरंत बाद शुरू हुआ था।
मुख्य घटनाक्रम: चारों एसआईटी का विवरण
पहली एसआईटी सबसे तेज़ गति से सामने आई — 18 मई को शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर। इसे 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मियों द्वारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की जांच का काम सौंपा गया। जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमआर अजित कुमार पर जांच में हस्तक्षेप के आरोप लगे और उन्हें निलंबित किया गया।
दूसरी एसआईटी जुलाई में गठित हुई, जिसे केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का दायित्व दिया गया।
तीसरी एसआईटी 31 अगस्त को अस्तित्व में आई। इसे फुटबॉल महानायक लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम की प्रस्तावित केरलम यात्रा से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की पड़ताल करनी है।
चौथी और सर्वाधिक राजनीतिक चर्चा में रहने वाली एसआईटी कन्नूर रेलवे स्टेशन मामले की जांच करेगी।
कन्नूर रेलवे स्टेशन प्रकरण: क्या है पूरा मामला
यह घटना 25 फरवरी को हुई थी, जब विधानसभा चुनावों से पूर्व केएसयू कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के विरुद्ध काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने पाँच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और आरोप लगाया कि वीना जॉर्ज पर हथियार से हमला किया गया तथा उनकी गर्दन पर गंभीर चोट पहुँची।
गौरतलब है कि यह मामला जल्द ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। तत्कालीन विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने इसे राजनीतिक नाटक बताते हुए कहा था कि कथित हमले की पुष्टि करने वाला कोई सीसीटीवी फुटेज मौजूद नहीं है। इसके बाद विधानसभा चुनावों में वीना जॉर्ज हार गईं और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
एसआईटी की जांच का दायरा
नई एसआईटी इस मामले की शुरुआत से पुनर्जांच करेगी। टीम कन्नूर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करेगी, घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और जांचकर्ताओं से पूछताछ करेगी, तथा यह भी जाँचेगी कि गंभीर धाराएँ किन आधारों पर लगाई गई थीं। वीना जॉर्ज और उनके सुरक्षाकर्मी के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इतने कम समय में चार एसआईटी का गठन असाधारण है और यह सतीशन सरकार की पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार के कार्यकाल की जवाबदेही तय करने की स्पष्ट मंशा दर्शाता है। आलोचकों का कहना है कि इनमें से कुछ जांचें राजनीतिक प्रेरित भी हो सकती हैं, जबकि सरकार का तर्क है कि ये सभी मामले पहले से ही सार्वजनिक बहस में थे और जांच की माँग उठती रही थी।
आगे क्या होगा
इस जांच से उस केंद्रीय प्रश्न का उत्तर मिलने की उम्मीद है जो फरवरी से चर्चा में है — क्या कन्नूर रेलवे स्टेशन पर दर्ज पुलिस मामला वास्तविक तथ्यों पर आधारित था, या आरोपों को साक्ष्यों से परे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था? सतीशन सरकार इन चारों एसआईटी के ज़रिए अतीत के विवादित अध्यायों को कानूनी दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।