केरल में तीन पुराने राजनीतिक मामलों की दोबारा जांच, सतीशन सरकार ने गठित कीं तीन एसआईटी
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की सरकार ने 17 जून 2026 को तीन राजनीतिक रूप से संवेदनशील पुराने मामलों की पुनः जांच के लिए तीन अलग-अलग विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए हैं। ये तीनों मामले पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दूसरे कार्यकाल के दौरान हुए थे और कथित तौर पर उस समय इनमें कोई ठोस जांच प्रगति नहीं हो पाई थी। इस कदम ने केरल पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक मामलों में जांच की निष्पक्षता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
तीन मामले, तीन एसआईटी
जिन तीन मामलों की दोबारा जांच शुरू हुई है, वे हैं — 'काफिर स्क्रीनशॉट' विवाद, अलप्पुझा में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले का मामला, और इंडिगो फ्लाइट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पूर्व मंत्री ई.पी. जयराजन के बीच हुई कथित मारपीट का मामला। तीनों मामले अपने समय में बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र रहे थे।
इंडिगो फ्लाइट घटना: तीसरी एसआईटी
सबसे हालिया एसआईटी बुधवार को इंडिगो फ्लाइट घटना के लिए गठित की गई। यह घटना तब हुई थी जब कन्नूर से तिरुवनंतपुरम जा रही फ्लाइट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ नारेबाजी की थी। उसी फ्लाइट में सवार पूर्व मंत्री ई.पी. जयराजन ने कथित तौर पर इस विरोध के दौरान हस्तक्षेप किया था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट की गई, परंतु उस समय दर्ज शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को कहा कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायत पर उस वक्त कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था, इसीलिए एसआईटी गठन का निर्णय लिया गया।
काफिर स्क्रीनशॉट और अलप्पुझा मामले में प्रगति
'काफिर स्क्रीनशॉट' मामले में लंबे समय तक जांच में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई थी। गौरतलब है कि यह मामला 2024 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़े विवाद के रूप में उभरा था। अब एसआईटी ने हाल ही में एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के युवा विंग कार्यकर्ता को इस मामले में गिरफ्तार किया है।
अलप्पुझा मामले में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उन पर हमला किया था। इस मामले में अब संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, एसआईटी ने उनसे पूछताछ भी की है, और अभियोजन पक्ष ने केरल उच्च न्यायालय में उनकी अग्रिम जमानत का विरोध किया है।
पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल
इन तीनों एसआईटी के गठन ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में केरल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि जांच की गति और दिशा अक्सर सत्ता में बैठे दल के राजनीतिक हितों से प्रभावित होती है। यह ऐसे समय में आया है जब नई सरकार अपने पूर्ववर्ती के कार्यकाल की जांच को प्राथमिकता दे रही है।
आगे क्या होगा
तीनों एसआईटी अब अपनी-अपनी जांच आगे बढ़ाएंगी। अलप्पुझा मामले में न्यायालय की कार्यवाही जारी है। काफिर स्क्रीनशॉट मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अभियोजन की अगली कार्रवाई तय होगी। इंडिगो फ्लाइट घटना की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। यह देखना होगा कि नई एसआईटी पुराने मामलों में कितनी तेजी और निष्पक्षता से परिणाम सामने लाती हैं।