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नव केरल यात्रा हमला: पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मी समेत पाँच पुलिसकर्मी निलंबित

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नव केरल यात्रा हमला: पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मी समेत पाँच पुलिसकर्मी निलंबित

सारांश

तीन साल पुराने नव केरल यात्रा हमले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मी समेत पाँच पुलिसकर्मी निलंबित। एसआईटी रिपोर्ट के बाद नई यूडीएफ सरकार ने सख्त कदम उठाया, एडीजीपी अजीत कुमार पर भी आपराधिक कार्रवाई की तलवार लटकी।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मी अनिल कुमार समेत पाँच पुलिसकर्मी 26 मई 2026 को निलंबित।
निलंबन दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में 'नव केरल यात्रा' के दौरान यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से जुड़ा है।
एसआईटी की रिपोर्ट में कथित तौर पर गैरकानूनी बल और हथियारों के इस्तेमाल का निष्कर्ष निकाला गया।
एडीजीपी अजीत कुमार पर सुरक्षा चूक रिपोर्ट दबाने और झूठे रिकॉर्ड बनाने के आरोपों की जांच जारी; जुलाई में डीजीपी पदोन्नति खतरे में।
निलंबित अधिकारियों ने अलाप्पुझा जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की; अदालत ने पुलिस रिपोर्ट माँगी।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद; आगे आपराधिक कार्यवाही संभव।

केरल पुलिस ने मंगलवार, 26 मई 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षाकर्मी अनिल कुमार सहित पाँच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में 'नव केरल यात्रा' के दौरान यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले के तीन साल बाद की गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर यह निलंबन विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।

कौन हैं निलंबित अधिकारी

निलंबित किए गए पाँचों अधिकारियों में पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी अनिल कुमार और एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात संदीप, विपिन, श्याजू तथा अरुण शामिल हैं। एसआईटी की रिपोर्ट में कथित तौर पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इन अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के दौरान गैरकानूनी रूप से बल और हथियारों का इस्तेमाल किया था।

मुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ था अलाप्पुझा में

दिसंबर 2023 में तत्कालीन एलडीएफ सरकार की 'नव केरल यात्रा' के दौरान सड़क किनारे काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री के सुरक्षा वाहन से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करते दिखे थे। उस समय पिनाराई विजयन ने इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया 'बचाव अभियान' बताते हुए अधिकारियों का बचाव किया था।

एसआईटी जांच और सरकार की प्रतिक्रिया

नई यूडीएफ सरकार में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के पदभार संभालने के तुरंत बाद एसआईटी का गठन किया गया था। सतीशन ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आने पर उनके कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले सभी लोगों से कड़ाई से निपटा जाएगा। राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को सौंपे जाने की उम्मीद है, जो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और संभावित आपराधिक कार्यवाही पर अंतिम निर्णय लेंगे।

एडीजीपी अजीत कुमार पर गहराता संकट

अलाप्पुझा की पूर्व पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा चूक रिपोर्ट को कथित तौर पर दबाने के आरोप से एडीजीपी अजीत कुमार के खिलाफ मामला और कड़ा हो गया है। सरकार इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उनके खिलाफ झूठे रिकॉर्ड बनाने सहित आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं। इन घटनाक्रमों से जुलाई में अजीत कुमार की डीजीपी पद पर संभावित पदोन्नति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

अदालत और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी की आशंका से निलंबित अधिकारियों ने अलाप्पुझा की स्थानीय जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट माँगी है और फिलहाल मामले को रोक दिया है। नई यूडीएफ सरकार के संकेतों के अनुसार, आने वाले दिनों में और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है, क्योंकि यह केरल की हाल के वर्षों की सबसे विवादास्पद राजनीतिक-पुलिसिंग घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि केरल में सत्ता-परिवर्तन के बाद पुलिस-राजनीति गठजोड़ की जवाबदेही तय करने की कोशिश है। विजयन ने उस समय हमले को 'बचाव अभियान' बताकर ढाल दिया था, जो अब एसआईटी की नज़र में टिक नहीं पाया। गौरतलब है कि सुरक्षा चूक रिपोर्ट को कथित तौर पर दबाने का आरोप बताता है कि यह सिर्फ मैदानी अधिकारियों की गलती नहीं थी — निर्णय-श्रृंखला ऊपर तक जाती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या जांच का दायरा वरिष्ठ नौकरशाही और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुँचता है, या निलंबन तक सिमट जाता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नव केरल यात्रा हमले में पाँच पुलिसकर्मियों को क्यों निलंबित किया गया?
एसआईटी की रिपोर्ट में कथित तौर पर यह पाया गया कि इन अधिकारियों ने दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर हमले के दौरान गैरकानूनी रूप से बल और हथियारों का इस्तेमाल किया। इसी रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबन की कार्रवाई की गई।
नव केरल यात्रा के दौरान दिसंबर 2023 में क्या हुआ था?
तत्कालीन एलडीएफ सरकार की 'नव केरल यात्रा' के दौरान अलाप्पुझा में काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षा वाहन से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करते दिखे थे।
एडीजीपी अजीत कुमार पर क्या आरोप हैं?
अलाप्पुझा की पूर्व पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा चूक रिपोर्ट को कथित तौर पर दबाने का आरोप अजीत कुमार पर है। सरकार झूठे रिकॉर्ड बनाने सहित आपराधिक आरोप लगाने की संभावना भी तलाश रही है, जिससे जुलाई में उनकी डीजीपी पदोन्नति की संभावना खतरे में पड़ गई है।
निलंबित पुलिसकर्मियों ने अदालत में क्या किया?
गिरफ्तारी की आशंका से निलंबित पाँचों अधिकारियों ने अलाप्पुझा की स्थानीय जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट माँगी है और फिलहाल मामले को रोक दिया है।
आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को सौंपे जाने की उम्मीद है, जो अनुशासनात्मक और संभावित आपराधिक कार्यवाही पर अंतिम निर्णय लेंगे। नई यूडीएफ सरकार के संकेतों के अनुसार आने वाले दिनों में और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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