16 सितंबर 2026
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भारत-बांग्लादेश हवाई कनेक्टिविटी पर बड़ी बैठक: उच्चायुक्त त्रिवेदी ने पर्यटन मंत्री मिल्लत से की मुलाकात

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भारत-बांग्लादेश हवाई कनेक्टिविटी पर बड़ी बैठक: उच्चायुक्त त्रिवेदी ने पर्यटन मंत्री मिल्लत से की मुलाकात

सारांश

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के पर्यटन मंत्री मिल्लत की 16 सितंबर की बैठक महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह दो साल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश का अगला अध्याय है। हवाई सेवा, कार्गो और वीज़ा बहाली — तीनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 16 सितंबर 2026 को ढाका में बांग्लादेश के पर्यटन मंत्री एम.
रशीदुज्जमान मिल्लत से मुलाकात की।
बैठक में हवाई कनेक्टिविटी, एयर कार्गो क्षमता विस्तार , परिचालन सुधार और पर्यटन सहयोग पर चर्चा हुई।
त्रिवेदी ने 25 जून 2026 को उच्चायुक्त का पदभार संभाला; उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा प्राप्त है।
लगभग दो वर्षों के स्थगन के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा सेवा 28 जून 2026 से बहाल की गई।
वीज़ा आवेदन ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना के केंद्रों से संचालित हो रहे हैं।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 16 सितंबर 2026 को ढाका में बांग्लादेश के नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्री एम. रशीदुज्जमान मिल्लत से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच हवाई कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने, एयर कार्गो क्षमता विस्तार और पर्यटन को नई गति देने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा

भारतीय उच्चायोग द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने, हवाई सेवाओं की गुणवत्ता और आवृत्ति में सुधार, एयर कार्गो क्षमता को मज़बूत करने तथा परिचालन प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति जताई गई।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।

उच्चायुक्त त्रिवेदी की पृष्ठभूमि और नियुक्ति

दिनेश त्रिवेदी ने 25 जून 2026 को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में औपचारिक रूप से पदभार संभाला था। पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की राजनीति, बंगाली भाषा और संस्कृति से गहरी जानकारी रखते हैं — एक ऐसी योग्यता जो ढाका में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक मानी जाती है। भारत सरकार ने उन्हें इस राजनयिक दायित्व के साथ-साथ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष व्यक्तिगत दर्जा भी प्रदान किया है।

टूरिस्ट वीज़ा बहाली: एक अहम कदम

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद त्रिवेदी ने दोनों देशों के बीच टूरिस्ट वीज़ा सेवाएँ पुनः आरंभ करने की घोषणा की थी। लगभग दो वर्षों के स्थगन के बाद यह सेवा 28 जून 2026 से बहाल की गई। राजनीतिक अस्थिरता के दौर के बाद भारत सरकार ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाएँ क्रमिक रूप से दोबारा शुरू की हैं। फिलहाल ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना स्थित वीज़ा केंद्रों के ज़रिए आवेदन प्रक्रिया संचालित हो रही है।

पर्यटन: दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु

भारत और बांग्लादेश के बीच पर्यटन का आधार मुख्यतः सांस्कृतिक निकटता, ऐतिहासिक जुड़ाव और चिकित्सा पर्यटन पर टिका है। बांग्लादेश के पर्यटक भारत में ताजमहल (आगरा), कोलकाता और पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर सबसे अधिक आकर्षित होते हैं। वहीं भारतीय पर्यटकों के लिए सुंदरबन मैंग्रोव वन, श्रीमंगल के चाय बागान, ढाका का लालबाग किला और ऐतिहासिक बौद्ध स्थल प्रमुख आकर्षण हैं।

आगे की राह

इस बैठक को दोनों देशों के बीच विमानन और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। हवाई कनेक्टिविटी में सुधार और एयर कार्गो क्षमता विस्तार से न केवल व्यापारिक संबंध मज़बूत होंगे, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए आवाजाही भी अधिक सुलभ होगी। आने वाले महीनों में इस दिशा में ठोस नीतिगत पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हवाई सेवा, व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क जैसे ठोस क्षेत्रों में। टूरिस्ट वीज़ा की बहाली एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि हवाई कनेक्टिविटी पर हुई चर्चाएँ किस हद तक समयबद्ध नीतिगत कदमों में बदलती हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में जो खटास आई थी, उसे पाटने के लिए विमानन और पर्यटन जैसे गैर-विवादास्पद क्षेत्र सबसे सुरक्षित शुरुआती बिंदु हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के पर्यटन मंत्री मिल्लत की बैठक में क्या हुआ?
16 सितंबर 2026 को ढाका में हुई इस बैठक में हवाई कनेक्टिविटी सुधार, एयर कार्गो क्षमता विस्तार, परिचालन प्रक्रियाओं में सुधार और पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह बैठक दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
दिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त कब बने?
दिनेश त्रिवेदी ने 25 जून 2026 को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में औपचारिक पदभार संभाला। भारत सरकार ने उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष व्यक्तिगत दर्जा भी प्रदान किया है।
बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारत का टूरिस्ट वीज़ा कब से बहाल हुआ?
लगभग दो वर्षों के स्थगन के बाद भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा सेवा 28 जून 2026 से बहाल की। यह सेवा ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना स्थित वीज़ा केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
भारत और बांग्लादेश के बीच पर्यटन किन क्षेत्रों पर आधारित है?
दोनों देशों के बीच पर्यटन मुख्यतः सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ऐतिहासिक संबंधों और चिकित्सा पर्यटन पर आधारित है। बांग्लादेशी पर्यटक ताजमहल, कोलकाता और पूर्वोत्तर भारत की ओर आकर्षित होते हैं, जबकि भारतीय पर्यटकों के लिए सुंदरबन, श्रीमंगल के चाय बागान और लालबाग किला प्रमुख आकर्षण हैं।
इस बैठक का भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह बैठक दोनों देशों के बीच विमानन और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। हवाई सेवाओं में सुधार और वीज़ा बहाली जैसे कदमों से व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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