25 अगस्त 2026
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भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश वाणिज्य मंत्री से की मुलाकात, $13 अरब व्यापार को नई रफ्तार देने पर जोर

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भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश वाणिज्य मंत्री से की मुलाकात, $13 अरब व्यापार को नई रफ्तार देने पर जोर

सारांश

भारत-बांग्लादेश के बीच $13 अरब का व्यापार पिछले डेढ़ साल से बाधाओं के चलते सुस्त है। उच्चायुक्त त्रिवेदी और वाणिज्य मंत्री मुक्तादिर की ढाका बैठक में बॉर्डर हाट, लैंड पोर्ट और संयुक्त कार्यबल जैसे ठोस प्रस्तावों पर चर्चा हुई — यह संकेत है कि दोनों देश संबंधों को व्यावहारिक ज़मीन पर वापस लाना चाहते हैं।

मुख्य बातें

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 25 अगस्त 2026 को ढाका में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री खंडाकर अब्दुल मुक्तादिर से मुलाकात की।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $13 अरब का है, जो पिछले डेढ़ साल में बाधाओं के कारण धीमा पड़ा है।
बैठक में बॉर्डर हाट को फिर से खोलने , लैंड पोर्ट के पूर्ण संचालन और धागे के आयात पर पाबंदियों में ढील देने पर चर्चा हुई।
व्यावसायिक सहयोग के लिए संयुक्त कार्यबल (जॉइंट टास्क फोर्स) बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
मुक्तादिर के अनुसार, चीन के बाद भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
त्रिवेदी ने डिजिटल ढाँचे में सुधार और समानता-आधारित सहयोग पर बल दिया।

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 25 अगस्त 2026 को ढाका में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री खंडाकर अब्दुल मुक्तादिर से मुलाकात की और द्विपक्षीय आर्थिक एवं वाणिज्य सहयोग को गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच लगभग $13 अरब के द्विपक्षीय व्यापार की रफ्तार पिछले डेढ़ साल में कई बाधाओं के कारण धीमी पड़ी है।

बैठक में क्या हुई चर्चा

भारतीय उच्चायोग ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उच्चायुक्त त्रिवेदी ने व्यवसायों और निजी क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार और निवेश के क्षेत्र में की गई साझेदारी दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी हो सकती है।

उच्चायोग के अनुसार, बातचीत में भारत-बांग्लादेश संबंधों की मज़बूत नींव का श्रेय पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को दिया गया। दोनों देशों के कारोबारी समुदायों, पेशेवरों और आम नागरिकों के बीच संपर्क को और गहरा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

सीमा-पार व्यापार पर विशेष ध्यान

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में सीमा-पार व्यापार को सरल बनाने के ठोस उपायों पर चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से बॉर्डर हाट को फिर से खोलने, लैंड पोर्ट के पूर्ण रूप से कार्यशील करने और जमीनी मार्ग से धागे के आयात पर लगी पाबंदियों में ढील देने जैसे मुद्दे शामिल रहे। गौरतलब है कि ये व्यावहारिक अड़चनें लंबे समय से दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों की चिंता का विषय रही हैं।

मुक्तादिर का बयान: भारत दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वाणिज्य मंत्री मुक्तादिर ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $13 अरब का है, लेकिन पिछले डेढ़ साल में इसकी गति बाधित हुई है। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार उन्होंने कहा, 'हमने समस्याओं पर चर्चा की और इस बात पर भी कि भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को कैसे आसान और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।'

मुक्तादिर ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन के बाद भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है — एक तथ्य जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक निर्भरता को दर्शाता है।

संयुक्त कार्यबल और डिजिटल ढाँचे का प्रस्ताव

मंत्री ने बताया कि व्यावसायिक सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए एक संयुक्त कार्यबल (जॉइंट टास्क फोर्स) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही डिजिटल ढाँचे में सुधार को निवेश के नए अवसर पैदा करने और द्विपक्षीय व्यापार में तेजी लाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में चिह्नित किया गया।

त्रिवेदी का संदेश: समानता पर आधारित हो सहयोग

उच्चायुक्त त्रिवेदी ने बैठक में स्पष्ट किया कि बांग्लादेश और भारत दोनों स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं, और द्विपक्षीय सहयोग समानता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'दोनों देशों को खासकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।' त्रिवेदी ने यह भी रेखांकित किया कि एक मज़बूत आर्थिक साझेदारी दूसरे क्षेत्रों में भी व्यापक द्विपक्षीय सहयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

यह बैठक दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में संयुक्त कार्यबल के गठन और सीमा-व्यापार से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा प्रस्तावों के अमल में होगी। बॉर्डर हाट और लैंड पोर्ट जैसे मुद्दे वर्षों से लंबित हैं और इनका बार-बार एजेंडे में आना यह दर्शाता है कि ज़मीनी क्रियान्वयन की गति राजनयिक इच्छाशक्ति से पीछे रहती है। $13 अरब के व्यापार में डेढ़ साल की सुस्ती महज़ तकनीकी बाधाओं का नतीजा नहीं — यह उस राजनीतिक अनिश्चितता का भी प्रतिबिंब है जो बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रमों के बाद बनी है। संयुक्त कार्यबल का प्रस्ताव सही दिशा में है, पर बिना समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के यह भी पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ों तक सिमट सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय उच्चायुक्त और बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री की बैठक में क्या हुआ?
उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और वाणिज्य मंत्री खंडाकर अब्दुल मुक्तादिर ने 25 अगस्त 2026 को ढाका में मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, बॉर्डर हाट खोलने और संयुक्त कार्यबल बनाने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में पारस्परिक आर्थिक हित और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को मज़बूत करने पर भी बल दिया गया।
भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
वाणिज्य मंत्री मुक्तादिर के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $13 अरब का है। हालाँकि, पिछले डेढ़ साल में विभिन्न बाधाओं के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ी है।
बांग्लादेश के लिए भारत का व्यापारिक महत्व क्या है?
चीन के बाद भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यह दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और गहरे आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।
सीमा-पार व्यापार को आसान बनाने के लिए क्या प्रस्ताव रखे गए?
बैठक में बॉर्डर हाट को फिर से खोलने, लैंड पोर्ट को पूरी तरह कार्यशील करने और जमीनी मार्ग से धागे के आयात पर लगी पाबंदियों में ढील देने पर चर्चा हुई। इसके अलावा डिजिटल ढाँचे में सुधार को भी व्यापार तेज़ करने का अहम ज़रिया बताया गया।
भारत-बांग्लादेश संयुक्त कार्यबल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
मुक्तादिर के अनुसार, व्यावसायिक सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए एक संयुक्त कार्यबल (जॉइंट टास्क फोर्स) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को सुव्यवस्थित, प्रभावी और तेज़ बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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