भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा

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भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने रक्षा सलाहकार से मुलाकात कर भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की। दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों और सहयोग पर विचार किया।

Key Takeaways

  • भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक।
  • साझा सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श।
  • दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता।

वॉशिंगटन, ९ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. ए.के.एम. शमसुल इस्लाम से मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को निरंतर सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में दोनों अधिकारियों ने भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग का विश्लेषण किया। इस दौरान द्विपक्षीय परामर्श तंत्र, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण के प्रयास और दोनों देशों के रक्षा संस्थानों के बीच सहयोग के पहलुओं पर चर्चा हुई। साथ ही, रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया।

भारतीय उच्चायोग ने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि दोनों पक्षों ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को निरंतर मज़बूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने १९७१ के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान साझा बलिदानों से बने अटूट रिश्तों को भी दोहराया।

दोनों पक्षों ने अपने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही, साझा सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी।

भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश सरकार के साथ आपसी हित और पारस्परिक लाभ के आधार पर बहुआयामी सहयोग को और आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

इसी बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में बांग्लादेश के समकक्ष खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को मजबूत करने पर चर्चा की, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "आज दोपहर बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी कर खुशी हुई। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने पर चर्चा की और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। हम आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।"

खलीलुर रहमान मंगलवार को एक "गुडविल विजिट" पर नई दिल्ली पहुंचे। ढाका ने जोर दिया कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के क्षेत्रों को और अधिक प्रोडक्टिव और सतत विकास के स्तर तक ले जाने के लिए यह एक "महत्वपूर्ण नींव" बनने की उम्मीद है।

यह यात्रा इस लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फरवरी में बीएनपी की सरकार बनने के बाद किसी बांग्लादेशी मंत्री का यह पहला भारत दौरा है। इससे भारत और बांग्लादेश के संबंधों में संभावित बदलाव का संकेत मिलता है।

मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के १८ महीने के कार्यकाल के दौरान हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हिंसक हमलों और भारत विरोधी बयानों के कारण दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था।

इससे पहले सोमवार को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने मुख्य क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मीटिंग के दौरान, वर्मा ने साझा हित और आपसी फायदे पर आधारित "सकारात्मक, कंस्ट्रक्टिव और आगे की सोच वाले नजरिए" के जरिए संबंधों को गहरा करने की भारत की इच्छा जाहिर की।

Point of View

दोनों देशों के हित में है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
हालिया बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की गई?
बैठक में सुरक्षा सहयोग, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और साझा हितों पर चर्चा की गई।
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