EU प्रमुख वॉन डेर लेयेन बोलीं — रूस की उकसावे वाली कार्रवाई 'व्यापक आक्रामकता का पैटर्न', नाटो देगा मुंहतोड़ जवाब
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 15 सितंबर 2026 को रूस की ओर से यूरोप में हो रही उकसावे की कार्रवाइयों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि ये घटनाएँ यूरोप के विरुद्ध रूसी आक्रामकता के व्यापक पैटर्न का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप नाटो के साथ मिलकर अपने सामूहिक प्रतिरोध और रक्षा को और मजबूत करेगा तथा रूस पर दबाव बढ़ाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए वॉन डेर लेयेन ने लिखा, 'एक बार फिर, यूरोप लापरवाह और खतरनाक रूसी व्यवहार के साथ जागा।' उन्होंने दो ताज़ा घटनाओं का हवाला दिया — पहली, एक रूसी युद्धपोत द्वारा डेनमार्क के एक हेलीकॉप्टर के बेहद करीब आपातकालीन फ्लेयर्स दागना; और दूसरी, एक ड्रोन का लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश, जिसे नाटो के लड़ाकू विमानों ने मार गिराया।
वॉन डेर लेयेन ने ज़ोर देकर कहा कि ये घटनाएँ अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि यूरोप की तैयारी और संकल्प की परीक्षा लेने वाली एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, 'रूस को हमारा संकल्प और भी मजबूत होता हुआ मिलेगा।'
हूती हमले पर यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया
इन्हीं बयानों के बीच वॉन डेर लेयेन ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब स्थित एक प्रमुख सैन्य एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हमले की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमले की निंदा करती हूं। हम लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।'
हूती प्रवक्ता सरी ने दावा किया कि यह अभियान यमन में सऊदी हवाई हमलों के जवाब में चलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में सऊदी F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 300 से अधिक हवाई हमले किए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय स्थिरता
वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) अपने साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा मध्य पूर्व में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए काम जारी रखेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र की स्थिरता में सभी पक्षों का हित जुड़ा हुआ है।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में रूसी उकसावे की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ती जा रही है और नाटो देश अपनी पूर्वी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि लिथुआनिया एक नाटो सदस्य राष्ट्र है, और उसके हवाई क्षेत्र में किसी भी अनाधिकृत प्रवेश को गठबंधन समझौते के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है। डेनमार्क की घटना इस तनाव की एक और कड़ी है।
विश्लेषकों के अनुसार, एक साथ यूरोपीय सुरक्षा और मध्य पूर्वी अस्थिरता पर EU का यह आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि ब्रसेल्स अब केवल कूटनीतिक बयानों से आगे बढ़कर ठोस प्रतिरोध की नीति की ओर बढ़ रहा है।
आगे की राह
EU और नाटो की संयुक्त प्रतिक्रिया की रूपरेखा आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। वॉन डेर लेयेन का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि यूरोप रूस के साथ संबंधों में नरमी के बजाय दबाव की नीति को ही प्राथमिकता देने का इरादा रखता है।