रोमानिया में रूसी ड्रोन घुसपैठ पर नाटो देश एकजुट, ब्रिटिश PM स्टार्मर बोले — 'रूस को किसी की परवाह नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
रोमानिया में 29 मई 2026 की रात एक रूसी ड्रोन नाटो सदस्य देश के एयरस्पेस में घुसकर गलाती शहर की एक रिहायशी इमारत से टकरा गया, जिससे आग भड़क उठी और कम से कम दो लोग घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमला किया था — और एक ड्रोन भटककर नाटो सदस्य देश की सीमा में जा घुसा।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
इससे पहले यूक्रेन ने रूस के लुहांस्क इलाके में स्टारोबेल्स्क के एक कॉलेज पर ड्रोन हमला किया था, जिसमें कई छात्रों की मौत की खबर है। इसके जवाब में रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला बोला। इसी हमले के दौरान एक रूसी ड्रोन रोमानियाई सीमा पार कर एक आवासीय भवन से टकराया। यह ऐसे समय में आया है जब नाटो पूर्वी यूरोप में अपनी सुरक्षा उपस्थिति पहले से ही मजबूत करने की कोशिश में है।
ब्रिटेन और अन्य नाटो देशों की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'गुरुवार रात एक रूसी ड्रोन रोमानियाई एयरस्पेस में घुसा और एक रिहायशी बिल्डिंग से टकरा गया, जिससे आम लोग घायल हो गए। यह नाटो एयरस्पेस का गंभीर उल्लंघन है। यूक्रेन के खिलाफ रूस का हमला और आम लोगों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हमारे पूरे महाद्वीप की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ब्रिटेन ऐसे हमलों की पूरी तरह से निंदा करता है।' उन्होंने आगे कहा, 'बार-बार रूस ने दिखाया है कि उसे आम लोगों की जिंदगी, अंतरराष्ट्रीय कानून या अपने पड़ोसियों की आज़ादी की कोई परवाह नहीं है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।'
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, 'रोमानिया में ड्रोन हमला एक बार फिर दिखाता है कि रूस आगे बढ़ने को तैयार है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि हमें पूर्वी हिस्से में नाटो की मज़बूत मौजूदगी की ज़रूरत है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्मनी गठबंधन के इलाके की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'कनाडा रोमानिया के साथ खड़ा है और गलाती में हुए रूसी ड्रोन के लापरवाही भरे हमले की कड़ी निंदा करता है। यह यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा छेड़े जा रहे हमले के युद्ध को और बढ़ाता है तथा रोमानिया के एयरस्पेस और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।'
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, 'रूस यूक्रेन के खिलाफ अपनी आक्रामकता में एक और लाइन पार कर रहा है। फिनलैंड अपने सहयोगी रोमानिया के साथ खड़ा है और यूक्रेन को अपनी रक्षा के लिए समर्थन करता रहेगा। गठबंधन के अंदर इस स्थिति पर चर्चा हो रही है।'
नाटो एयरस्पेस उल्लंघन का महत्व
गौरतलब है कि रोमानिया नाटो का पूर्ण सदस्य है और उसके एयरस्पेस में किसी भी घुसपैठ को गठबंधन के अनुच्छेद 5 के संदर्भ में गंभीरता से लिया जाता है। यह पहली बार नहीं है जब रूसी ड्रोन या मिसाइल के टुकड़े नाटो देशों की सीमा में आए हों — इससे पहले भी पोलैंड और रोमानिया में ऐसी घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि इन घटनाओं के बावजूद नाटो की प्रतिक्रिया अब तक मुख्यतः बयानबाजी तक सीमित रही है।
आगे की स्थिति
नाटो के सदस्य देशों के बीच इस घटना पर आंतरिक विमर्श जारी है। रोमानिया ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और गठबंधन से ठोस कदम उठाने की माँग की है। स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन यूक्रेन, रोमानिया और सभी नाटो साथियों के साथ 'कंधे से कंधा मिलाकर' खड़ा रहेगा।