काला सागर में विस्फोटक ड्रोन नष्ट: रोमानिया की कार्रवाई पर वॉन डेर लेयेन ने हाइब्रिड युद्ध को बताया बड़ा खतरा
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने खुलासा किया कि गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को रोमानिया ने काला सागर में अपने 'नेपच्यून डीप' ऑफशोर प्लेटफॉर्म के निकट विस्फोटकों से लदे एक नौसैनिक ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। उन्होंने इस घटना को यूरोप के विरुद्ध जारी हाइब्रिड युद्ध की एक गंभीर कड़ी करार दिया और महाद्वीप की रक्षा क्षमताओं को तत्काल सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य घटनाक्रम
वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'गुरुवार को रोमानिया ने काला सागर में अपने नेपच्यून डीप प्लेटफॉर्म के पास विस्फोटकों से लदे एक नौसैनिक ड्रोन को नष्ट कर दिया। धमकियों का अभियान चल रहा है, जो हमारे नागरिकों के बीच चिंता पैदा कर रहा है और हमारे संघ को बाँटने की कोशिश कर रहा है। यह एक तरह का हाइब्रिड युद्ध है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आज शांति बनाए रखने का अर्थ यह भी है कि यूरोपीय संघ के पास उकसावे और आक्रामक कार्रवाइयों को रोकने की ठोस क्षमता हो।
यूरोप की रक्षा तैयारी और रेडीनेस 2030 एजेंडा
यूरोपियन कमीशन अध्यक्ष ने बताया कि रेडीनेस 2030 एजेंडा के तहत 800 अरब यूरो तक की राशि जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यूरोपियन ड्रोन डिफेंस इनिशिएटिव और ईस्टर्न फ्लैंक वॉच के माध्यम से यूरोप में रक्षा उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों को उभरते खतरों का तेज़ी, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ मुकाबला करने के लिए आवश्यक क्षमताएँ उपलब्ध कराना है।
यूक्रेन पर रूसी हमलों की आलोचना
वॉन डेर लेयेन ने यूक्रेन पर रूस के घातक हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूस अपने ही शुरू किए युद्ध में अब खुद की हार देख रहा है, यही कारण है कि वह आम नागरिकों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अपने सदस्य देशों और साझेदारों के साथ मिलकर यूक्रेन की बैलिस्टिक मिसाइलों से रक्षा करने की क्षमता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि यूक्रेन के पास लोगों की जान बचाने के लिए ज़रूरी साधन मौजूद रहें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब काला सागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर यूरोपीय देशों की चिंताएँ पहले से बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि रोमानिया नाटो का सदस्य देश है और नेपच्यून डीप उसका महत्त्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना प्लेटफॉर्म है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, नागरिक ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास इस तरह के ड्रोन हमलों का पैटर्न हाइब्रिड युद्ध की रणनीति का हिस्सा माना जाता है, जिसमें सीधी सैन्य टकराहट से बचते हुए भय और अस्थिरता फैलाई जाती है।
आगे क्या
यूरोपियन कमीशन ने संकेत दिया है कि रेडीनेस 2030 एजेंडा के अंतर्गत ड्रोन-रोधी और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय और बढ़ने की संभावना है, विशेषकर पूर्वी यूरोप के उन देशों में जो रूस की सीमा से लगे हैं।