11 जुलाई 2026
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दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच ने कमला मार्केट थाने के हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

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दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच ने कमला मार्केट थाने के हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

सारांश

एक हफ्ते में तीन सरकारी कर्मचारी — दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल, खाद्य विभाग का असिस्टेंट कमिश्नर और झारखंड के सीजीएसटी अधिकारी — रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए। ट्रैप ऑपरेशन की यह श्रृंखला जाँच एजेंसियों की सक्रियता और निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों, दोनों को एक साथ उजागर करती है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच ने 26 मई 2026 को कमला मार्केट थाने के हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
22 मई को सीबीआई ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर को पुष्प विहार, नई दिल्ली में राशन कार्ड आवंटन के बदले रिश्वत लेते पकड़ा।
आरोप था कि वह अधिकारी प्रत्येक राशन कार्ड पर ₹100 की अवैध वसूली कर रहा था।
20 मई को सीबीआई ने गिरिडीह के सीजीएसटी अधीक्षक और निरीक्षक को ITC विसंगति सुलझाने के एवज में ₹90,000 माँगने और ₹50,000 लेते हुए गिरफ्तार किया।
तीनों मामलों में जाँच एजेंसियों ने ट्रैप ऑपरेशन के ज़रिए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा; सभी मामलों की जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच ने 26 मई 2026 को कमला मार्केट थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सतर्कता शाखा की टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

विजिलेंस ब्रांच को सूचना मिली थी कि कमला मार्केट थाने का हेड कॉन्स्टेबल अवैध वसूली में संलिप्त है। टीम ने सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया और आरोपी को उस वक्त पकड़ा जब वह ₹50,000 की रिश्वत ले रहा था। दिल्ली पुलिस की सतर्कता शाखा अब इस मामले में विस्तृत जाँच कर रही है।

पृष्ठभूमि: दिल्ली-एनसीआर में भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान तेज़ हो चुका है। इससे पहले 22 मई को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर को एशियन मार्केट, पुष्प विहार, नई दिल्ली स्थित कार्यालय में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसी के अनुसार उस मामले में 20 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

आरोप था कि वह अधिकारी राशन कार्डों के आवंटन और वितरण के बदले प्रत्येक राशन कार्ड पर ₹100 की अवैध रकम वसूल रहा था।

झारखंड में सीजीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी

उसी दिन, 20 मई को, सीबीआई ने गिरिडीह के सीजीएसटी अधीक्षक और एक निरीक्षक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायत के अनुसार दोनों अधिकारियों ने एक व्यापारी से उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विसंगति सुलझाने के एवज में ₹90,000 की माँग की थी और भुगतान न करने पर उसका जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी थी।

सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों को आंशिक भुगतान के रूप में ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई और उन्हें धनबाद स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया गया।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि यह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली और झारखंड में भ्रष्टाचार की तीन अलग-अलग घटनाएँ हैं जिनमें सरकारी कर्मचारी रंगे हाथों पकड़े गए। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रैप ऑपरेशन की बढ़ती संख्या जाँच एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाती है, परंतु यह भी संकेत देती है कि निचले और मध्यम स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी बनी हुई हैं।

आगे क्या होगा

दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच और सीबीआई — दोनों मामलों में जाँच जारी है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अपेक्षित है। सीजीएसटी अधिकारियों का मामला धनबाद की अदालत में विचाराधीन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उससे भी बड़ा सवाल खड़ा करती है — आखिर शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई क्यों? राशन कार्ड से लेकर जीएसटी नंबर तक, भ्रष्टाचार के ये मामले उन नागरिकों को सबसे ज़्यादा प्रभावित करते हैं जो सरकारी सेवाओं पर सर्वाधिक निर्भर हैं। ट्रैप के बाद गिरफ्तारी तो होती है, पर व्यवस्थागत सुधार — जैसे फेसलेस सेवाएँ या मज़बूत आंतरिक निगरानी — की गति कहीं धीमी है। जब तक रोकथाम के तंत्र, प्रतिक्रिया के तंत्र जितने मज़बूत नहीं बनते, ये गिरफ्तारियाँ समाचार तो बनती रहेंगी, पर भ्रष्टाचार की संस्कृति नहीं बदलेगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच ने हेड कॉन्स्टेबल को कहाँ और कैसे पकड़ा?
विजिलेंस ब्रांच ने जाल बिछाकर कमला मार्केट थाने के हेड कॉन्स्टेबल को 26 मई 2026 को ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सतर्कता शाखा मामले की आगे जाँच कर रही है।
दिल्ली में खाद्य विभाग के अधिकारी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया था?
सीबीआई ने 22 मई को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर को पुष्प विहार, नई दिल्ली में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह राशन कार्डों के आवंटन और वितरण के बदले प्रत्येक कार्ड पर ₹100 की अवैध वसूली कर रहा था।
गिरिडीह के सीजीएसटी अधिकारियों पर क्या आरोप था?
आरोप था कि सीजीएसटी अधीक्षक और निरीक्षक ने एक व्यापारी से उसकी ITC विसंगति सुलझाने के एवज में ₹90,000 की माँग की और भुगतान न करने पर जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी। सीबीआई ने 20 मई को दोनों को ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होगी?
दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच हेड कॉन्स्टेबल मामले की जाँच कर रही है और विभागीय कार्रवाई भी अपेक्षित है। सीजीएसटी अधिकारियों का मामला धनबाद की अदालत में विचाराधीन है और सीबीआई की जाँच जारी है।
क्या दिल्ली-एनसीआर में भ्रष्टाचार के खिलाफ हाल में कार्रवाई बढ़ी है?
मई 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में दिल्ली और झारखंड में तीन अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशन सफल रहे, जिनमें पुलिस, खाद्य विभाग और कर विभाग के अधिकारी रंगे हाथों पकड़े गए। यह जाँच एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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