दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच ने कमला मार्केट थाने के हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच ने 26 मई 2026 को कमला मार्केट थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सतर्कता शाखा की टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
विजिलेंस ब्रांच को सूचना मिली थी कि कमला मार्केट थाने का हेड कॉन्स्टेबल अवैध वसूली में संलिप्त है। टीम ने सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया और आरोपी को उस वक्त पकड़ा जब वह ₹50,000 की रिश्वत ले रहा था। दिल्ली पुलिस की सतर्कता शाखा अब इस मामले में विस्तृत जाँच कर रही है।
पृष्ठभूमि: दिल्ली-एनसीआर में भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान तेज़ हो चुका है। इससे पहले 22 मई को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर को एशियन मार्केट, पुष्प विहार, नई दिल्ली स्थित कार्यालय में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसी के अनुसार उस मामले में 20 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरोप था कि वह अधिकारी राशन कार्डों के आवंटन और वितरण के बदले प्रत्येक राशन कार्ड पर ₹100 की अवैध रकम वसूल रहा था।
झारखंड में सीजीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी
उसी दिन, 20 मई को, सीबीआई ने गिरिडीह के सीजीएसटी अधीक्षक और एक निरीक्षक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायत के अनुसार दोनों अधिकारियों ने एक व्यापारी से उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विसंगति सुलझाने के एवज में ₹90,000 की माँग की थी और भुगतान न करने पर उसका जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी थी।
सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों को आंशिक भुगतान के रूप में ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई और उन्हें धनबाद स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया गया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि यह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली और झारखंड में भ्रष्टाचार की तीन अलग-अलग घटनाएँ हैं जिनमें सरकारी कर्मचारी रंगे हाथों पकड़े गए। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रैप ऑपरेशन की बढ़ती संख्या जाँच एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाती है, परंतु यह भी संकेत देती है कि निचले और मध्यम स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस विजिलेंस ब्रांच और सीबीआई — दोनों मामलों में जाँच जारी है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अपेक्षित है। सीजीएसटी अधिकारियों का मामला धनबाद की अदालत में विचाराधीन है।