20 अगस्त 2026
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अहमदाबाद में ACB का जाल: अवैध निर्माण बचाने के नाम पर ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते दो गिरफ्तार

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अहमदाबाद में ACB का जाल: अवैध निर्माण बचाने के नाम पर ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते दो गिरफ्तार

सारांश

अहमदाबाद में एसीबी ने 19 अगस्त को जाल बिछाकर दो आरोपियों को ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते दबोचा। आरोप है कि AMC नोटिस की आड़ में अनधिकृत निर्माण न तोड़ने के बदले पैसे माँगे गए — नागरिक ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी को सूचना दी।

मुख्य बातें

एसीबी ने 19 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में जाल बिछाकर शिल्पा और विजय अहीर को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने कथित तौर पर अनधिकृत निर्माण न तोड़ने के बदले ₹3.25 लाख की माँग की थी — ₹3 लाख AMC अधिकारियों के लिए और ₹25,000 अपने लिए।
शिकायतकर्ता से पहले ही ₹10,000 ले लिए गए थे; शेष ₹3.15 लाख ऑपरेशन के दौरान रंगे हाथों बरामद।
लेन-देन अहमदाबाद की सार्वजनिक सड़क पर आरोपियों की कार में हुआ।
सभी आरोप एसीबी की शिकायत पर आधारित हैं; जाँच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

अहमदाबाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 19 अगस्त 2026 को एक सुनियोजित जाल बिछाकर दो आरोपियों — शिल्पा और विजय अहीर — को ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने एक नागरिक के घर और दुकान की पहली मंजिल पर हुए अनधिकृत निर्माण को तोड़े जाने से बचाने के एवज में यह राशि माँगी थी। पूरी रकम मौके से बरामद कर ली गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायतकर्ता ने अपने घर और दुकान की पहली मंजिल पर लगी टिन की छत हटाकर पक्की छत का निर्माण करवाया था। इस पर अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के टाउन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (ईस्ट जोन) ने शिकायतकर्ता की माँ के नाम दो नोटिस जारी किए, जिनमें बिना अनुमति किए गए निर्माण का हवाला देते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया था कि इसे क्यों न हटाया जाए।

एसीबी के अनुसार, इसी के बाद आरोपी शिल्पा ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और कथित तौर पर धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो निर्माण तोड़ दिया जाएगा।

रिश्वत की माँग और एसीबी की कार्रवाई

एसीबी के आरोप के अनुसार, शिल्पा ने निर्माण न तोड़े जाने के बदले ₹3.25 लाख की माँग की — जिसमें से ₹3 लाख AMC अधिकारियों के लिए और ₹25,000 अपने लिए बताए गए। इससे पहले शिकायतकर्ता से ₹10,000 की पहली किस्त पहले ही ले ली गई थी, जबकि शेष ₹3.15 लाख 19 अगस्त को देने तय हुए थे।

रिश्वत देने को तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने आनंद एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया। यह लेन-देन अहमदाबाद की एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपियों की कार के भीतर हुआ, जहाँ शिल्पा और विजय अहीर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी और कानूनी स्थिति

एसीबी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ₹3.15 लाख की पूरी राशि मौके से बरामद कर ली गई। यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि ये सभी आरोप एसीबी की शिकायत पर आधारित हैं और इन पर जाँच तथा न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

व्यापक संदर्भ

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात में नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और उनसे जुड़े भ्रष्टाचार के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं। गौरतलब है कि AMC नोटिस की आड़ में रिश्वत माँगने की यह शैली नागरिकों के लिए एक परिचित समस्या बनती जा रही है। एसीबी की सक्रियता इस दिशा में एक निवारक संकेत के रूप में देखी जा रही है।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जाँच शुरू कर दी गई है। एसीबी यह भी जाँच कर रही है कि क्या AMC के किसी अधिकारी की इस मामले में संलिप्तता है, जैसा कि रिश्वत की माँग के दौरान कथित तौर पर कहा गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह संकेत देता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें केवल बिचौलियों तक सीमित नहीं हो सकतीं। एसीबी की जाँच का असली इम्तिहान यह होगा कि क्या वह उन अधिकारियों तक पहुँच पाती है जिनके नाम पर यह रकम माँगी गई — या मामला केवल गिरफ्तार दो लोगों पर आकर रुक जाता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद एसीबी ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने शिल्पा और विजय अहीर को 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन्होंने एक नागरिक के अनधिकृत निर्माण को AMC की कार्रवाई से बचाने के बदले ₹3.15 लाख की रिश्वत ली।
रिश्वत की माँग कितनी थी और किसके लिए माँगी गई?
एसीबी के अनुसार, कुल ₹3.25 लाख की माँग की गई थी — जिसमें ₹3 लाख AMC अधिकारियों के लिए और ₹25,000 आरोपी के लिए बताए गए। इससे पहले ₹10,000 की पहली किस्त ले ली गई थी।
शिकायतकर्ता के खिलाफ AMC ने क्या कार्रवाई की थी?
शिकायतकर्ता ने पहली मंजिल पर टिन की छत हटाकर पक्की छत बनवाई थी। इस पर AMC के टाउन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (ईस्ट जोन) ने उसकी माँ के नाम दो नोटिस जारी कर बिना अनुमति के निर्माण पर स्पष्टीकरण माँगा था।
क्या इस मामले में AMC अधिकारी भी जाँच के दायरे में हैं?
एसीबी इस पहलू की जाँच कर रही है कि क्या किसी AMC अधिकारी की संलिप्तता है, क्योंकि आरोपियों ने रिश्वत की बड़ी हिस्सेदारी अधिकारियों के नाम पर माँगी थी। अभी यह आरोप एसीबी की शिकायत पर आधारित हैं और जाँच जारी है।
रिश्वत का लेन-देन कहाँ हुआ और क्या रकम बरामद हुई?
₹3.15 लाख का यह लेन-देन अहमदाबाद की एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपियों की कार के अंदर हुआ। एसीबी ने ऑपरेशन के दौरान पूरी राशि मौके से बरामद कर ली।
राष्ट्र प्रेस
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