अहमदाबाद में ACB का जाल: अवैध निर्माण बचाने के नाम पर ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 19 अगस्त 2026 को एक सुनियोजित जाल बिछाकर दो आरोपियों — शिल्पा और विजय अहीर — को ₹3.15 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने एक नागरिक के घर और दुकान की पहली मंजिल पर हुए अनधिकृत निर्माण को तोड़े जाने से बचाने के एवज में यह राशि माँगी थी। पूरी रकम मौके से बरामद कर ली गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता ने अपने घर और दुकान की पहली मंजिल पर लगी टिन की छत हटाकर पक्की छत का निर्माण करवाया था। इस पर अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के टाउन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (ईस्ट जोन) ने शिकायतकर्ता की माँ के नाम दो नोटिस जारी किए, जिनमें बिना अनुमति किए गए निर्माण का हवाला देते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया था कि इसे क्यों न हटाया जाए।
एसीबी के अनुसार, इसी के बाद आरोपी शिल्पा ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और कथित तौर पर धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो निर्माण तोड़ दिया जाएगा।
रिश्वत की माँग और एसीबी की कार्रवाई
एसीबी के आरोप के अनुसार, शिल्पा ने निर्माण न तोड़े जाने के बदले ₹3.25 लाख की माँग की — जिसमें से ₹3 लाख AMC अधिकारियों के लिए और ₹25,000 अपने लिए बताए गए। इससे पहले शिकायतकर्ता से ₹10,000 की पहली किस्त पहले ही ले ली गई थी, जबकि शेष ₹3.15 लाख 19 अगस्त को देने तय हुए थे।
रिश्वत देने को तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने आनंद एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया। यह लेन-देन अहमदाबाद की एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपियों की कार के भीतर हुआ, जहाँ शिल्पा और विजय अहीर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी और कानूनी स्थिति
एसीबी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ₹3.15 लाख की पूरी राशि मौके से बरामद कर ली गई। यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि ये सभी आरोप एसीबी की शिकायत पर आधारित हैं और इन पर जाँच तथा न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
व्यापक संदर्भ
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात में नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और उनसे जुड़े भ्रष्टाचार के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं। गौरतलब है कि AMC नोटिस की आड़ में रिश्वत माँगने की यह शैली नागरिकों के लिए एक परिचित समस्या बनती जा रही है। एसीबी की सक्रियता इस दिशा में एक निवारक संकेत के रूप में देखी जा रही है।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जाँच शुरू कर दी गई है। एसीबी यह भी जाँच कर रही है कि क्या AMC के किसी अधिकारी की इस मामले में संलिप्तता है, जैसा कि रिश्वत की माँग के दौरान कथित तौर पर कहा गया था।