30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

छत्तीसगढ़: भोपालपटनम पुलिस ने 171 मवेशियों को मुक्त कराया, 9 तस्कर गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
छत्तीसगढ़: भोपालपटनम पुलिस ने 171 मवेशियों को मुक्त कराया, 9 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

भोपालपटनम पुलिस ने 171 मवेशियों को तस्करों से मुक्त करने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जानें पूरी खबर।

मुख्य बातें

पुलिस ने 171 मवेशियों को तस्करों से मुक्त किया।
9 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
तस्करी के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।

भोपालपटनम, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के थाना भोपालपटनम की पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के समीप उल्लूर घाटी-चिल्लामरका जंगल के पहाड़ी मार्ग से मवेशियों को ले जा रहे तस्करों को पकड़ लिया। इस ऑपरेशन में कुल 171 मवेशी (गाय, बैल और बछड़े) तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए गए।

सूचना मिलने के बाद, थाना भोपालपटनम की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तस्करों को घेर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने नाम और पते बताए, लेकिन उनके पास मवेशियों के स्वामित्व या परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। गवाहों की उपस्थिति में 171 मवेशियों को बरामद किया गया। ये सभी पशु तेलंगाना राज्य की ओर ले जाए जा रहे थे।

गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों में तीन तेलंगाना, पांच महाराष्ट्र और एक बीजापुर (छत्तीसगढ़) का निवासी है। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: थिपनपल्ली संजीव (48 वर्ष, करीमनगर, तेलंगाना), हटकर राजू (52 वर्ष, करीमनगर, तेलंगाना), कटकुरी मजनू (23 वर्ष, मुलगु, तेलंगाना), विनोद नारायण झाड़े (35 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), व्येक्टी गोडया दुर्गे (62 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), व्येकंटी राजीग्या दुर्गे (47 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), प्रवीण शंकर दुर्गे (19 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), अक्षय अजमेरा (24 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), और अशोक गुगलेम (30 वर्ष, बीजापुर, छत्तीसगढ़)।

मुकदमा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। मुक्त कराए गए 171 मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए नगर पंचायत भोपालपटनम के गौठान में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।

पुलिस ने जानकारी दी है कि सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए मुखबिरों से सूचना और गश्त बढ़ाई जा रही है।

इस सफल अभियान ने स्थानीय किसानों और पशुपालकों में राहत की भावना पैदा की है, क्योंकि कृषि पशु उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुलिस का कहना है कि पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय किसानों और पशुपालकों के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है। पुलिस की यह मुहिम स्थानीय समुदाय की रक्षा और पशु कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपालपटनम में तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कब हुई?
यह कार्रवाई 9 मार्च को भोपालपटनम पुलिस द्वारा की गई थी।
कितने मवेशियों को मुक्त कराया गया?
कुल 171 मवेशियों को तस्करों से मुक्त कराया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या कितनी है?
इस घटना में 9 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
मवेशियों को किस दिशा में ले जाया जा रहा था?
ये मवेशी तेलंगाना राज्य की ओर ले जाए जा रहे थे।
क्या कार्रवाई के लिए कोई कानूनी धाराएं लागू की गई हैं?
हाँ, आरोपियों पर छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराएं लागू की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले