असम में मवेशी तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: 33 गिरफ्तार, 298 मवेशी मुक्त, 22 वाहन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को मवेशी तस्करी के खिलाफ एक साथ तीन स्थानों पर समन्वित अभियान चलाते हुए 33 तस्करों को गिरफ्तार किया, 298 मवेशियों को मुक्त कराया और तस्करी में इस्तेमाल 22 वाहन जब्त किए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए तस्करों को कड़ी चेतावनी दी।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'सुन लो मवेशी तस्करों, असम की धरती पर मवेशी तस्करी के लिए कोई जगह नहीं है।' यह अभियान एक साथ तीन अलग-अलग स्थानों पर चलाया गया, जो पुलिस की रणनीतिक तैयारी और खुफिया तंत्र की सक्रियता को दर्शाता है। जब्त किए गए 22 वाहनों और गिरफ्तार 33 आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस तस्करी नेटवर्क, मवेशियों के मूल स्रोत और उनके गंतव्य की जांच कर रही है।
असम में तस्करी की समस्या और भौगोलिक चुनौती
असम की अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाएं कई राज्यों और पड़ोसी देशों से जुड़ी हैं, जो मवेशियों की अवैध आवाजाही के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार रणनीतिक सीमा चौकियों पर निगरानी और जांच को लगातार कड़ा कर रही है। गौरतलब है कि सरमा सरकार पहले भी कई अवसरों पर मवेशी तस्करी और अवैध परिवहन के विरुद्ध अभियान चला चुकी है, और यह कार्रवाई उसी नीतिगत निरंतरता का हिस्सा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सरमा ने असम पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में अब मवेशी तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे राज्य सरकार की मवेशियों की सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। सरमा के अनुसार, यह अभियान केवल एकबारगी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और निरंतर चलने वाले अभियान का अंग है।
आगे की जांच और कार्रवाई
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों और जब्त वाहनों के आधार पर तस्करी के व्यापक नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मवेशी किन स्रोतों से आ रहे थे और उन्हें किस गंतव्य तक पहुँचाया जाना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।