27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम में फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा: 62 गिरफ्तार, 59 मामले दर्ज — CM हिमंता बिस्वा सरमा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम में फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा: 62 गिरफ्तार, 59 मामले दर्ज — CM हिमंता बिस्वा सरमा

सारांश

असम में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है — 2025 से अब तक 62 गिरफ्तारियाँ और 59 मामले दर्ज। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे नशा तस्करी और बाल विवाह विरोधी अभियानों की अगली कड़ी बताया। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य बातें

असम में 2025 से अब तक फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ 59 मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्यव्यापी अभियान में अब तक 62 कथित फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अभियान की जानकारी साझा की।
यह कार्रवाई नशा तस्करी और बाल विवाह विरोधी अभियानों के बाद सरकार का नया व्यापक कदम है।
सरकार ने नागरिकों से केवल पंजीकृत डॉक्टरों से इलाज कराने और फर्जी चिकित्सकों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को जानकारी दी कि राज्य में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 59 मामले दर्ज किए गए हैं। गुवाहाटी से संचालित इस राज्यव्यापी अभियान में असम पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिना वैध डिग्री या लाइसेंस के इलाज करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

अभियान का विस्तार और आँकड़े

वर्ष 2025 से शुरू हुए इस अभियान के तहत राज्यभर में कथित फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ 59 प्राथमिकियाँ दर्ज की गई हैं और 62 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे लोग मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यता या पंजीकरण के बिना मरीजों का इलाज कर रहे थे, जिससे जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था।

सरकार का कहना है कि फर्जी चिकित्सक न केवल अवैध हैं, बल्कि असुरक्षित उपचार पद्धतियों से मरीजों की जान को भी जोखिम में डालते हैं। यह अभियान मुख्य रूप से उन इलाकों में केंद्रित है जहाँ योग्य डॉक्टरों की उपलब्धता सीमित है और अनधिकृत चिकित्सक लंबे समय से सक्रिय थे।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम समाज से हर तरह की बुराई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नशा तस्करों और बाल विवाह के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के बाद अब हम फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम सरकार पिछले कुछ वर्षों से नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक के बाद एक बड़े अभियान चला रही है। फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई इसी व्यापक कानून-व्यवस्था रणनीति की अगली कड़ी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

गौरतलब है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में फर्जी चिकित्सकों की मौजूदगी भारत की एक पुरानी समस्या रही है। असम जैसे राज्य में, जहाँ स्वास्थ्य अवसंरचना अभी भी विकसित हो रही है, ऐसे अनधिकृत चिकित्सक कमज़ोर तबकों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। सरकार का यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन पर मुकदमे चलाए जाएँगे।

जनता से अपील

राज्य सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सकों से ही उपचार कराएँ। यदि किसी फर्जी डॉक्टर की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को दी जाए। सरकार का मानना है कि जन-सहभागिता के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान निकट भविष्य में और तेज़ किया जाएगा तथा बिना योग्यता के चिकित्सा का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि फर्जी डॉक्टर इतने वर्षों तक बिना रोक-टोक के क्यों सक्रिय रहे। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में योग्य चिकित्सकों की भारी कमी ही इन अनधिकृत चिकित्सकों को पनपने का मौका देती है — केवल गिरफ्तारियाँ इस संरचनात्मक खामी को नहीं भरतीं। जब तक राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना में ठोस निवेश और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की तैनाती नहीं बढ़ाती, तब तक ऐसे अभियान दीर्घकालिक समाधान की बजाय आपातकालीन उपाय ही बने रहेंगे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान में अब तक क्या हुआ?
2025 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 62 कथित फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 59 मामले दर्ज किए गए हैं। असम पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से यह कार्रवाई कर रहे हैं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने इस अभियान के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार नशा तस्करी और बाल विवाह के बाद अब फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चला रही है, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
फर्जी डॉक्टर किसे कहा जा रहा है और उन पर क्या कार्रवाई होगी?
बिना वैध चिकित्सा डिग्री या सरकारी लाइसेंस के खुद को डॉक्टर बताकर इलाज करने वाले लोगों को फर्जी डॉक्टर माना जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत मुकदमे दर्ज कर कड़ी सज़ा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
असम के नागरिक फर्जी डॉक्टरों की पहचान कैसे करें और क्या करें?
सरकार ने अपील की है कि नागरिक केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सकों से ही इलाज कराएँ। यदि किसी अनधिकृत चिकित्सक की जानकारी मिले, तो तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे और तेज़ किया जाएगा। बिना मान्यता प्राप्त योग्यता के चिकित्सा करते पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले