क्या असम पुलिस ने अवैध मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ कछार में झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया?

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क्या असम पुलिस ने अवैध मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ कछार में झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया?

सारांश

असम के कछार जिले में पुलिस ने एक और झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जो जाली डिग्रियों के सहारे चिकित्सा कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। यह घटना अवैध मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

Key Takeaways

  • असम पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।
  • गिरफ्तार व्यक्ति के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी।
  • पुलिस ने कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
  • आम लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
  • कछार जिले में अब तक 20 से अधिक झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

गुवाहाटी, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के कछार जिले में पुलिस ने फर्जी डॉक्टरों और झोलाछापों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और तेज करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह जाली डिग्रियों के माध्यम से खुद को डॉक्टर बताकर चिकित्सा कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान शमीम अहमद लस्कर के रूप में हुई है, जो ढोलाई थाना क्षेत्र के भागा इलाके का निवासी है। जानकारी के अनुसार, शमीम बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री या पंजीकरण के लंबे समय से एक मेडिकल चैंबर चला रहा था। यह मामला तब शुरू हुआ जब असम काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन (एसीएमआर) के एंटी-क्वैकरी और विजिलेंस ऑफिसर डॉ. अभिजीत नियोग ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी।

शिकायत के प्राप्त होते ही पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए शनिवार को शमीम के मेडिकल चैंबर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। जब पुलिस ने उसके चैंबर की तलाशी ली, तो वहां से कई फर्जी एमबीबीएस सर्टिफिकेट और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि ये सभी कागजात असली नहीं हैं और मरीजों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शमीम अहमद लस्कर काफी समय से अवैध रूप से चिकित्सा कर रहा था। वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज करता था, जिससे मरीजों की सेहत और जान दोनों को गंभीर खतरा हो सकता था। जब पुलिस ने उससे वैध रजिस्ट्रेशन या चिकित्सा प्रैक्टिस की अनुमति दिखाने को कहा, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बरामद किए गए सभी दस्तावेजों को जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कितने समय से यह गैरकानूनी कार्य कर रहा था और क्या उसके इलाज से किसी मरीज को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में एक विस्तृत जांच आरंभ की गई है।

जांच एजेंसियां अब इस पहलू पर भी गौर कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा, जो फर्जी मेडिकल डिग्रियां बनाकर या सप्लाई करके ऐसे लोगों को डॉक्टर बना रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर इस तरह के किसी नेटवर्क के सबूत मिलते हैं, तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि कछार जिले में असम पुलिस पिछले कुछ महीनों से झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 20 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो बिना योग्यता और अनुमति के उपचार कर रहे थे।

अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी डिग्री और पंजीकरण की जानकारी जरूर जांच लें। यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस या एसीएमआर को इसकी सूचना दें।

Point of View

NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

कछार जिले में गिरफ्तारी क्यों हुई?
कछार जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अवैध चिकित्सा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति के पास कौन सी डिग्री नहीं थी?
गिरफ्तार व्यक्ति के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने कई फर्जी एमबीबीएस सर्टिफिकेट और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।
आलम क्या है कछार जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का?
कछार जिले में पुलिस पिछले कुछ महीनों से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।
लोगों को क्या सलाह दी गई है?
लोगों से अपील की गई है कि वे डॉक्टर की डिग्री और पंजीकरण की जानकारी पहले जांच लें।
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