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दौंड में झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार: ₹6.54 लाख नकद, 381 संदिग्ध बोतलें और होंडा सिटी जब्त

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दौंड में झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार: ₹6.54 लाख नकद, 381 संदिग्ध बोतलें और होंडा सिटी जब्त

सारांश

महाराष्ट्र के दौंड में पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर को धर दबोचा जो बिना किसी वैध डिग्री के ग्रामीण मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। ₹6.54 लाख नकद, 381 संदिग्ध बोतलें और एक कार जब्त — यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की खतरनाक खामियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश बंसीलाल स्वर्णकार को 28 मई 2026 को दौंड, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी बिना वैध मेडिकल डिग्री, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल पंजीकरण और दवा लाइसेंस के क्लिनिक चला रहा था।
जब्त सामग्री में ₹6.54 लाख नकद, 381 संदिग्ध बोतलें , सिप्ला, इंटास, लीफोर्ड की दवाएं और एक होंडा सिटी कार शामिल हैं।
BNS 2023 धारा 319(2) और मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट 1961 की धारा 33(1) व 33(2) के तहत मामला दर्ज।
आशीष शंकर शिरासे , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खामगांव, द्वारा दर्ज कराई गई।
यवत पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है।

महाराष्ट्र के दौंड में पुलिस ने 28 मई 2026 को एक बड़े मेडिकल धोखाधड़ी मामले का भंडाफोड़ करते हुए एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया। आरोपी बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था और उसके पास से ₹6.54 लाख नकद, विभिन्न कंपनियों की एलोपैथिक दवाएं और 381 संदिग्ध बोतलें बरामद की गई हैं।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान ओमप्रकाश बंसीलाल स्वर्णकार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील के सदर बाजार का निवासी है। आरोपी ने यवत के कसुरडी गांव के अखादेवस्ती इलाके में एक अवैध क्लिनिक संचालित कर रखा था — बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण और दवाएं बेचने के लाइसेंस के।

छापे में क्या-क्या मिला

यवत पुलिस ने क्लिनिक पर छापा मारकर इस अवैध धंधे का पर्दाफाश किया। जब्त सामग्री में सिप्ला, इंटास और लीफोर्ड कंपनियों की दवाएं, सिरिंज, संदिग्ध बिना लेबल वाली 381 बोतलें और ₹85,100 नकद शामिल हैं। इसके अलावा क्लिनिक के बाहर खड़ी एक होंडा सिटी कार भी जब्त की गई, जिसमें दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक मिला। कुल जब्त नकदी ₹6.54 लाख बताई गई है।

कानूनी कार्रवाई

दौंड के खामगांव इलाके में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. आशीष शंकर शिरासे की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 319(2) तथा मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट, 1961 की धारा 33(1) और 33(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मरीजों को गुमराह करने के साथ-साथ उनकी जान को भी खतरे में डाल रहा था।

व्यापक संदर्भ: नकली डॉक्टरों का बढ़ता खतरा

यह मामला अकेला नहीं है। इससे पहले मध्य प्रदेश के दमोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित 'संजीवनी क्लिनिक' में कार्यरत 3 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 16 मई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई थी। उस मामले में ग्वालियर निवासी कुमार सचिन यादव और सीहोर निवासी राजपाल गौर पर दमोह की सुभाष कॉलोनी स्थित क्लिनिक में नियुक्ति के लिए जाली एमबीबीएस डिग्री और मेडिकल काउंसिल पंजीकरण प्रमाण-पत्र जमा करने का आरोप है। गौरतलब है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में योग्य चिकित्सकों की कमी के कारण इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैलता जा रहा है।

आगे की जांच

यवत पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यह देखा जाएगा कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और कितने मरीज उसके अवैध इलाज के शिकार हुए। इस गिरफ्तारी से ग्रामीण महाराष्ट्र में नकली चिकित्सकों के खिलाफ प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाने की मांग और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राष्ट्रव्यापी पैटर्न है। असली सवाल यह है कि जब पंजीकरण और लाइसेंस की जांच के लिए व्यवस्थाएं मौजूद हैं, तो ये लोग इतने लंबे समय तक कैसे पकड़ से बाहर रहते हैं। केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — राज्य सरकारों को ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सत्यापन अभियान चलाने की जवाबदेही तय करनी होगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दौंड में गिरफ्तार झोलाछाप डॉक्टर कौन है?
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम ओमप्रकाश बंसीलाल स्वर्णकार है, जो राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील का निवासी है। वह यवत के कसुरडी गांव में बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के अवैध क्लिनिक चला रहा था।
पुलिस छापे में क्या-क्या जब्त किया गया?
छापे में ₹6.54 लाख नकद, सिप्ला, इंटास और लीफोर्ड कंपनियों की दवाएं, 381 संदिग्ध बिना लेबल की बोतलें, सिरिंज और एक होंडा सिटी कार जब्त की गई। कार में भी दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक मिला।
आरोपी पर कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 319(2) और मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट, 1961 की धारा 33(1) व 33(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत दौंड के खामगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. आशीष शंकर शिरासे ने दर्ज कराई।
क्या इस तरह के और मामले हाल ही में सामने आए हैं?
हां, इससे पहले मध्य प्रदेश के दमोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 'संजीवनी क्लिनिक' में जाली एमबीबीएस डिग्री के आधार पर नियुक्त 3 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। 16 मई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर वह कार्रवाई हुई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
यवत पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और कितने मरीज उसके अवैध इलाज के शिकार हुए। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
राष्ट्र प्रेस
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