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तेजस्वी सूर्या का बेंगलुरु की टूटी सड़कों पर हमला, 'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान और 5 लाख हस्ताक्षरों का आह्वान

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तेजस्वी सूर्या का बेंगलुरु की टूटी सड़कों पर हमला, 'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान और 5 लाख हस्ताक्षरों का आह्वान

सारांश

तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु की टूटी सड़कों और गायब फुटपाथों को लेकर सरकार पर निशाना साधा और 'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान का प्रस्ताव रखा — हर महीने एक रविवार सड़कें सिर्फ नागरिकों के लिए। लक्ष्य: 5 लाख हस्ताक्षर और एक जनआंदोलन।

मुख्य बातें

BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने 14 जून को एक्स पर पोस्ट कर बेंगलुरु की जर्जर सड़कों और बदहाल फुटपाथों पर राज्य सरकार को घेरा।
उन्होंने तीन माँगें रखीं: गड्ढा मुक्त सड़कें , निर्बाध फुटपाथ और अधिक सार्वजनिक स्थान ।
'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान के तहत हर महीने एक रविवार चुनिंदा सड़कें वाहनों के लिए बंद कर नागरिकों को देने का प्रस्ताव।
याचिका के लिए 5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य।
सूर्या ने कहा कि बेंगलुरु को पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित बनाना बुनियादी अधिकार है, विलासिता नहीं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने 14 जून को बेंगलुरु की जर्जर सड़कों, गड्ढों और बदहाल फुटपाथों को लेकर कर्नाटक सरकार और नगर प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु को नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि केवल वाहनों के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने 'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान का प्रस्ताव रखा और कम से कम 5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य घोषित किया।

बेंगलुरु की सड़कों की दुर्दशा: सांसद के आरोप

सूर्या ने कहा कि शहर की सड़कें गड्ढों से पटी पड़ी हैं, जबकि फुटपाथ या तो टूटे-फूटे हैं, अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं या कई इलाकों में पूरी तरह नदारद हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति में पैदल चलना न केवल असुविधाजनक बल्कि असुरक्षित भी हो गया है।

उन्होंने कहा कि पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जो किसी भी आधुनिक और समावेशी शहर के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु को देश की 'सिलिकॉन वैली' के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन बुनियादी शहरी ढाँचा वर्षों से उपेक्षित है।

तीन प्रमुख माँगें

सांसद ने नगर प्रशासन के सामने तीन स्पष्ट माँगें रखीं। पहली, गड्ढा मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें। दूसरी, पूरे बेंगलुरु में निर्बाध और सुगम फुटपाथों का निर्माण। तीसरी, नागरिकों और समुदायों के लिए अधिक सार्वजनिक स्थानों का विकास।

सूर्या ने स्पष्ट किया कि यह किसी विलासिता परियोजना की माँग नहीं है, बल्कि बुनियादी शहरी अधिकार — सुरक्षित सड़कें, चलने योग्य फुटपाथ और बेहतर जीवन गुणवत्ता — की माँग है।

'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान का प्रस्ताव

सूर्या ने सुझाव दिया कि हर महीने एक रविवार को शहर की चुनिंदा सड़कों और फ्लाईओवरों को कुछ घंटों के लिए वाहनों के बजाय केवल नागरिकों के लिए खोला जाए। इस दौरान लोग पैदल चल सकें, साइकिल चला सकें, खेलकूद और व्यायाम कर सकें, सामुदायिक गतिविधियाँ आयोजित कर सकें और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिल सके।

उन्होंने वैश्विक उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के कई बड़े शहर सार्वजनिक स्थानों को नागरिकों के लिए पुनः प्राप्त कर रहे हैं — और बेंगलुरु को भी इसी दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। गौरतलब है कि कोलंबिया की राजधानी बोगोटा और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में 'ओपन स्ट्रीट्स' की अवधारणा सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है।

जनआंदोलन की अपील

सूर्या ने नागरिकों से अपील की कि वे इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे अपने परिवार, मित्रों तथा सहयोगियों के बीच साझा करें। उनका लक्ष्य कम से कम 5 लाख हस्ताक्षर जुटाकर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करना है, जो बेंगलुरु को अधिक पैदल-अनुकूल, रहने योग्य और नागरिक-केंद्रित शहर बनाने की दिशा में दबाव बना सके।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब बेंगलुरु में यातायात और बुनियादी ढाँचे की समस्याएँ लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार और बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिके (BBMP) इन माँगों पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें BJP के अपने कार्यकाल भी शामिल हैं। 'ओपन स्ट्रीट्स' की अवधारणा वैश्विक स्तर पर सिद्ध है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह अभियान महज सोशल मीडिया याचिका बनकर रह जाएगा या BBMP पर ठोस नीतिगत दबाव बनाएगा। बेंगलुरु के नागरिकों के लिए जरूरत सुर्खियों की नहीं, बल्कि समयबद्ध सड़क मरम्मत और जवाबदेह नगर प्रशासन की है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु' अभियान क्या है?
यह BJP सांसद तेजस्वी सूर्या का प्रस्तावित अभियान है जिसके तहत हर महीने एक रविवार को बेंगलुरु की चुनिंदा सड़कों और फ्लाईओवरों को कुछ घंटों के लिए वाहनों के लिए बंद कर नागरिकों को पैदल चलने, साइकिल चलाने और सामुदायिक गतिविधियों के लिए दिया जाएगा। इस अभियान के लिए 5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य है।
तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
सूर्या ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं: गड्ढा मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें, पूरे बेंगलुरु में निर्बाध और सुगम फुटपाथ, तथा नागरिकों और समुदायों के लिए अधिक सार्वजनिक स्थानों का विकास। उन्होंने इसे बुनियादी शहरी अधिकार बताया, न कि विलासिता।
बेंगलुरु की सड़कों और फुटपाथों की स्थिति कैसी है?
सांसद सूर्या के अनुसार, बेंगलुरु की सड़कें गड्ढों से भरी हैं और फुटपाथ या तो टूटे हुए हैं, अतिक्रमण की चपेट में हैं या कई इलाकों में पूरी तरह अनुपस्थित हैं। इससे पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए शहर में चलना असुरक्षित हो गया है।
तेजस्वी सूर्या ने यह माँग कब और कैसे उठाई?
सूर्या ने 14 जून को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से यह माँग उठाई। उन्होंने नागरिकों से याचिका पर हस्ताक्षर कर इसे परिवार और मित्रों के साथ साझा करने की अपील की।
क्या 'ओपन स्ट्रीट्स' की अवधारणा अन्य शहरों में सफल रही है?
हाँ, बोगोटा (कोलंबिया) और न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक शहरों में 'ओपन स्ट्रीट्स' की अवधारणा सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है, जहाँ नियमित रूप से सड़कें नागरिकों को पैदल और साइकिल गतिविधियों के लिए दी जाती हैं। सूर्या ने इन्हीं उदाहरणों का हवाला देते हुए बेंगलुरु में इसे लागू करने की वकालत की है।
राष्ट्र प्रेस
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